फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश की सांस्कृतिक धरोहरों से रूबरू कराने की शानदार पहल ‘संगीत माला’

Tue, 27 Mar 2018 04:50 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
तीजन बाई - फोटो : file photo
विज्ञापन
काशी में अतुल्य भारत धरोहर शृंखला के तहत हुई ‘संगीत माला’ की शानदार शुरुआत ने पर्यटन मंत्रालय के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल दिए हैं। इसी साल पर्यटन मंत्रालय ने ‘सबके लिए पर्यटन’ के अपने उद्देश्य को धार देने के लिए यह पहल शुरू की।
विज्ञापन


देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहरों को वहां के कला-संगीत के जरिए नए रूप में सामने लाने और सैलानियों-आम लोगों को इससे रूबरू कराने के लिए पहले साल दिल्ली, कोच्चि और काशी में संगीता माला की शृंखलाएं आयोजित हुईं।

इनकी सफलता से उत्साहित मंत्रालय ने अगले साल इस शृंखला से प्रयाग, मथुरा, जयपुर जैसे आधा दर्जन प्राचीन शहरों को जोड़ने की तैयारी की है। कला-संस्कृति, संगीत के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने और धरोहरों के संरक्षण-प्रोत्साहन की इस शृंखला के तहत दो दिवसीय आयोजन वाराणसी के अस्सी घाट पर हुआ। जिसका समापन रविवार को हुआ।
विज्ञापन


स्पिक-मैके के सहयोग से हुई इस संगीता माला में सितार वादक उस्ताद शाहिद परवेज खान, शास्त्रीय गायक डॉ. अश्विनी भिड़े देशपांडे, बाउल संगीतकार और लोकगायिका पार्वती बाउल, कव्वाली गायक वारसी बिरादरान, वायलिन वादक डॉ. एल सुब्रमण्यम, मृदंग वादक डॉ. उमायलपुरम के सिवारामन, संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा के अलावा मालिनी अवस्थी (ठुमरी), तीजन बाई (पंडवानी), बांसुरी वादक पं. हरिप्रसाद चौरसिया, प्रह्लाद सिंह टिपानिया (कबीर गायन), श्रुति साडोलिककर की प्रस्तुतियां हुईं। कलाकारों ने भी पर्यटन मंत्रालय की इस पहल को सराहा। 
Trending Videos
विज्ञापन

तीन से पांच दिन की जा सकती है समयावधि

मालिनी अवस्थी - फोटो : File Photo
मंत्रालय के उच्चाधिकारियों के मुताबिक अगले इस संगीत माला से आधा दर्जन और शहर जुड़ेंगे। कार्यक्रम की समयावधि भी दो दिन से बढ़ाकर तीन से पांच दिन की जा सकती है।

पंडवानी गायिका तीजन बाई का कहना है कि पर्यटन मंत्रालय की यह शृंखला बेहद सराहनीय है। इससे देश के लोकसंगीत को नई जान मिलेगी और नई पीढ़ी भी इससे जुड़ेगी।

कबीर गायक प्रह्लाद सिंह टिपनिया ने कहा कि संगीत माला की यह शृंखला अद्भुत है। इससे भारत की सांस्कृतिक धरोहर से सभी को रूबरू होने का मौका मिलेगा।

स्पिक मैके के चैप्टर समन्वयक वरुण उपाध्याय के अनुसार अतुल्य भारत की यह शृंखला अब हर साल निरंतर जारी रहेगी। इसमें अगले साल होने वाले आयोजन में और भी हेरिटेज शहरों को जोड़ा जाएगा। हर साल नए कलाकारों को इसके तहत मंच प्रदान किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें