दो जुलाई को अपने पिता की जयंती पर रैली की तैयारी में जुटी केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री अनुप्रिया पटेल केंद्र और राज्य में गठबंधन की सरकार बनने को प्रदेश के लिए सकारात्मक परिवर्तन का बड़ा संकेत मानती हैं।
उनका मानना है कि स्वच्छ राजनीति और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन दोनों सरकारों की पहचान बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार जनहित में बड़े और कड़े फैसले ले रही है। नोटबंदी के बाद अब जीएसटी लागू हो रहा है।
इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पहली कैबिनेट की बैठक में किसानों की कर्जमाफी और एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स के गठन का फैसला कर सुशासन की पहल की। शुक्रवार दोपहर अमर उजाला कार्यालय में अनुप्रिया पटेल ने केंद्र-प्रदेश सरकारों की उपलब्धियों के साथ आम आदमी की जिंदगी में शुरू हुए बदलावों पर विस्तार से बातचीत की। पेश है बातचीत के कुछ प्रमुख अंश....
यूपी सरकार की सौ दिन की उपलब्धियों को किस रूप में देख रही हैं?
परफारमेंस देने में इस सरकार का कोई जोड़ नहीं है। यूपी में सत्ता संभालने के बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने निर्णयों से साबित कर दिया कि यह सिर्फ बातें या घोषणाएं करने वाली नहीं, जनहित में फैसले लेने वाली सरकार है।
वादे के मुताबिक किसानों की कर्जमाफी का फैसला पहली कैबिनेट में किया। जिला, तहसील मुख्यालयों पर 24 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली देने का वायदा भी सरकार ने पूरा कर जनता का भरोसा जीता है।
अब केंद्र और प्रदेश दोनों जगह आपकी सरकार है। ऐसे में विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर क्या सोचती हैं?
- अब काम तेजी से होगा। यह दिखने भी लगा है। सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश की जनता के साथ ही कार्यकर्ताओं और अफसरों से भी लगातार संवाद कर रहे हैं। पहली बार सूबे के लोगों को अहसास हो रहा है कि यूपी में इंटरेक्टिव सरकार है।