पुलिस के अनुसार अब्दुला ने कई युवाओं को प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से जोड़ रखा है, जिन्हें वह ताइक्वांडो की तरह ट्रेनिंग देता है। केरल और नई दिल्ली में पीएफआई से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुका है। इसका फोटो और वीडियो उसके मोबाइल व लैपटॉप में मिला है। कई ऐसे एप भी मिले हैं, जिसके जरिए वह पीएफआई के बड़े पदाधिकारियों के संपर्क में रहता था।
पुलिस के अनुसार अब्दुला लोहता से पार्षद का चुनाव लड़ने वाला था। पीएफआई के विंग सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) में अब्दुल की सक्रियता अधिक थी। एटीएस और एसटीएफ को सूचना देने के साथ ही पुलिस ने अब्दुला के बारे में और जानकारी एकत्र की। पता चला कि वह बीसीए पास है और वह एसडीपीआई से जुड़े अन्य सदस्यों को ट्रेनिंग देता था।
चायपत्ती बेचने वाले अब्दुला के पीएफआई से जुड़े होने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग सहम गए। लोग हैरान हैं कि अब्दुला पीएफआई से जुड़ा था। आसपास के लोग और उससे जुड़े करीबी भी सहमे हुए हैं कि कहीं पुलिस उन्हें न उठा लें। वहीं, कई अभिभावक भी अपने बच्चों से पूछताछ कर रहे हैं कि अब्दुला के संगठन पीएफआई से जुड़े तो नहीं हो। रात से ही फोर्स की आवाजाही को देख लोग सहम गए हैं।
पीएफआई से जुड़े लोगों की कुंडली पुलिस खंगाल रही है। भेलूपुर थाना क्षेत्र के बजरडीहा, रेवड़ी तालाब, गौरीगंज और शिवाला इलाके में तफ्तीश शुरू कर दी है। पीएफआई से जुड़े लोगों के रिकार्ड खंगालने के साथ ही निगरानी की जा रही है। इंस्पेक्टर भेलूपुर रमाकांत दुबे ने बताया कि बजरडीहा, रेवड़ी तालाब, गौरीगंज, शिवाला इलाके पुलिस पीएफआई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाकर तलाश कर रही है। अभी तक की छानबीन में कोई पीएफआई से जुड़ा नहीं मिला है।
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