पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने सर्किट हाउस में गोवंश आश्रय स्थलों की समीक्षा। इस दौरान उन्होंने कहा कि गोवंश आश्रय में गोकाष्ठ मेकिंग मशीन लगेगी। इसका जिम्मा महिलाओं को सौंपा जाएगा।
वाराणसी जिले के सभी गोवंश आश्रय में एक-एक गोकाष्ठ मेकिंग मशीन लगाई जाएगी और उसका जिम्मा स्वयं सहायता समूह की स्थानीय महिलाओं को दिया जाएगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। यह बात शुक्रवार को पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कही। वह शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में गोवंश आश्रय स्थलों की समीक्षा बैठक की। शुरुआत में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने पशुधन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति जानकारी दी।
विज्ञापन
मंत्री धर्मपाल सिंह ने गोशालाओं में संरक्षित और निराश्रित गोवंश की शत प्रतिशत ईयर टैगिंग करने, नस्ल सुधार, बछड़ों के बधियाकरण के निर्देश दिए। साथ ही गोशालाओं में बारिश से बचाव, पर्याप्त प्रकाश, हरा चारा, भूसे की पर्याप्त उपलब्धता करने को कहा।
उन्होंने कान्हा गोशाला में अच्छी नस्ल की गायों को संरक्षित करने और गाय के गोबर से बायो प्रोडक्ट बनाने के निर्देश दिए। गोशालाओं में गोवंश की देखरेख के लिए केयरटेकर का मानदेय बढ़ाने को कहा। उन्होंने मुर्गी, बकरी, भेड़, सूअर पालन के साथ ही विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बीपी पाठक, उप दुग्ध शाला विकास अधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।