सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने बुधवार को कहा कि द्वि-राष्ट्रवाद के समर्थक मोहम्मद अली जिन्ना अगर प्रधानमंत्री होते तो देश का बंटवारा नहीं होता। राजभर के इस बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने सर्किट हाउस में कहा कि महापुरुषों की तुलना देश को बांटने वालों से करना ठीक नहीं है।
वोट की राजनीति में लोग इतना गिर जाएंगे यह सोचा भी नहीं गया था। अनिल राजभर ने कहा कि जिन्ना को कभी देश में महिमा मंडित नहीं किया जा सकता है, क्योंकि लाखों की संख्या में देश में कत्लेआम देखा है। सपा मुखिया को जनता आने वाले विधानसभा चुनाव में सबक सिखाने का काम करेगी।
देश और भारत माता के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले लोगों को चार महीने बाद जबाब मिल जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इसके साथ ही राजनीति में अस्तित्व बचाने में जुटी तमाम छटपटाहट और कोशिशों को विराम लग जाएगा।