इसी बात को लेकर पूजन समिति के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कहासुनी होने लगी। पुलिस द्वारा सख्ती करने पर युवकों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे पुलिस की गाड़ी को हल्की क्षति भी पहुंची। सूचना मिलने पर ब्लॉक प्रमुख रामकृत सिंह यादव और गांव के सम्मानित लोग घटनास्थल पर पहुंच कर मामले को शांत कराया।
इसके बाद रात 10 बजे मूर्ति विसर्जन संपन्न हुआ। इस संबंध में कोतवाल अशेषनाथ सिंह ने बताया कि सरस्वती पूजन में शामिल कुछ युवक आपस में भिड़ गए थे। गांव के सम्मानित लोगों ने समझा कर मामला शांत कराने के बाद सरस्वती प्रतिमा का विसर्जन संपन्न कराया। ईंट पत्थर नहीं चले हैं।