बताया कि नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा का लाभ लेने के लिए विश्वविद्यालयों की ओर से प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। इसमें सफल छात्रों का नियमानुसार दाखिला लिया जाएगा। केंद्र संचालन के लिए अलग से भवन के साथ ही लाइब्रेरी सहित अन्य सुविधाएं भी होंगी।
हर साल एक केंद्र पर प्रवेशित 100 छात्रों में 10 प्रतिशत छात्रों को सिविल सेवा की प्री परीक्षा में चयनित होने का लक्ष्य भी रखा गया है। अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर केंद्र को हटाकर दूसरा केंद्र बनाने की कार्रवाई भी की जाएगी। बीएचयू केंद्र के नोडल ऑफिसर प्रो. आरएन खरवार ने बताया कि डॉ. आंबेडकर प्रतिष्ठान और सभी विश्वविद्यालयों के बीच उत्कृष्टता केंद्र और डॉ. आंबेडकर पीठ स्थापित करने पर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।