इसके साथ ही सर्वे में मिले शिवलिंग को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आदि ने ज्ञानवापी प्रकरण पर बयान देकर हिंदुओं की भावनाओं पर कुठाराघात किया है।
अधिवक्ता ने इस मामले में ज्ञानवापी मस्जिद के अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल, मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, कमेटी के संयुक्त सचिव सैय्यद मोहम्मद यासीन और बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराए जाने की मांग की है।
ज्ञानवापी मामले में सिविल जज सीनियर डिविजन अश्वनी कुमार की अदालत ने बृहस्पतिवार को छह मामलों में सुनवाई की है। साथ ही सुनवाई की अगली तारीख 12 जनवरी तय कर दी। ज्ञानवापी मामलों से जुड़े अधिवक्ता मदनमोहन यादव के मुताबिक दो मामलों श्रृंगार गौरी में रंजना अग्निहोत्री और सत्यम त्रिपाठी की तरफ से दाखिल वाद में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कि तरफ से ऑर्डर 7 रूल 11के तहत आवेदन देकर वाद को चुनौती दी गई।
लार्ड आदि विश्वेश्वर की तरफ से शीतला मंदिर के महंत शिवप्रसाद पांडेय, श्री नंदी जी महराज की तरफ से डोमराजा परिवार के सितेंद्र चौधरी, मां गंगा की तरफ से सुरेश चौहान और अभिषेक शर्मा की तरफ से दाखिल वादों पर कुछ पक्षकारों के हाजिर नहीं रहने पर सुनवाई की तारीख 12 जनवरी तय कर दी गई। इन वादों में दर्शन पूजन का अधिकार और ज्ञानवापी परिसर पर कब्जा दिए जाने की अनुमति मांगी गई है।