समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का काशी में अलग रूप देखने को मिला। रोड शो के दौरान अखिलेश त्रिशूल और डमरू के साथ लोगों से रूबरू हुए। माना जा रहा है कि इससे सपा हर हाल में हिंदू मतों में सेंधमारी करने की कोशिश करेगी।
काशी में राजनीतिक पारा सातवें चरण के चुनाव से पहले ही सातवें आसमान पर पहुंच गया है। 54 सीटों पर होने वाले चुनाव में जातीय समीकरण बहुत मायने रखने वाला है। यही कारण है कि जिस पार्टी को जहां मौका मिल रहा है, वह जातीय समीकरण को साधने में लगी हैं। अखिलेश भी इसमें पीछे नहीं हैं। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रोड शो के दौरान काशी विश्वनाथ धाम में डमरू बजाया तो वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसके जवाब में हाथ में बाबा का त्रिशूल और डमरू लेकर काशी की जनता का दिल जीत लिया। समर्थक भी अखिलेश के इस नए अंदाज को देख खुश दिखे। रथयात्रा चौराहे से लेकर निकलकर गिरजाघर तक जाने के दौरान अखिलेश यादव ने बीच-बीच में त्रिशूल और डमरू कई बार बाहर निकाला। इस दौरान समर्थक हर-हर महादेव का जयघोष करते दिखे।
होली से पहले सपाइयों ने काशी में मनाई दीवाली
यूं तो होली का त्योहार नजदीक है लेकिन शुक्रवार को समाजवादी विजय यात्रा के दौरान उत्साहित सपा कार्यकर्ताओं ने काशी में दीवाली मनाई। इस दौरान रथयात्रा से लेकर गिरजाघर तक आतिशबाजी भी खूब हुई। यह देख अखिलेश यादव भी गदगद दिखे। उन्होंने भी समर्थकों के इस उत्साह का हाथ उठाकर अभिवादन किया।