अदालत में समर सिंह को पेश किया गया
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पुलिस के अनुसार आकांक्षा दुबे की आत्महत्या की गुत्थी तभी सुलझेगी, जब आरोपी समर सिंह से विस्तार से पूछताछ की जाएगी। 10 अप्रैल को प्रभावी तरीके से दलीलें प्रस्तुत कर अदालत से समर को 72 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने का अनुरोध किया जाएगा। अब तक की पूछताछ में समर से कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही उसका डेटा भी रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला जेल में दाखिल किए जाने के बाद समर सिंह को क्वारंटीन बैरक में रखा गया है। जिला जेल के जेलर ने बताया कि कोरोना संक्रमण का खतरा एक बार फिर बढ़ रहा है, इसलिए एहतियातन 10 नंबर बैरक को क्वारंटीन बैरक बनाया गया है। रोजाना जो बंदी जेल में आ रहे हैं, उन्हें उसी बैरक में रखा जा रहा है। समर सिंह हमारे लिए एक सामान्य बंदी ही है। जो सुविधाएं अन्य बंदियों के लिए हैं, वही उसे भी मिलेगी।
आकांक्षा दुबे की मां मधु दुबे की ओर से दर्ज कराया गया मुकदमा नि:शुल्क लड़ने की घोषणा अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा की गई है। शनिवार को शशांक शेखर त्रिपाठी ने बताया कि मधु दुबे की ओर से सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभु नारायण पांडेय व महामंत्री शशिकांत दुबे, अनिल पांडेय, अशोक यादव, विनय कुमार त्रिपाठी, गुड्डू चेग्वारा, सौरभ पांडेय और मिथिलेश श्रीवास्तव ने अपना वकालतनामा दाखिल किया है।