संकट मोचन संगीत समारोह (2015) में पहुंचे गुलाम अली का स्वागत करते महंत विश्वंभर नाथ मिश्र
प्रो. मिश्र के मुताबिक कोविड काल के दौरान दो साल तक ये समारोह ऑनलाइन भी कराया गया। कोविड कॉल में परंपरा ना टूटे, इसलिए 2020 में संगीत समारोह का 97वां संस्करण डिजिटल कराया गया। खास बात ये कि ऑनलाइन हुए इस समारोह में पंडित जसराज ने ही अमेरिका के न्यू जर्सी शहर से ऑनलाइन प्रस्तुति दी। यहां बता दें कि पंडित जसराज 1974 से लगातार हनुमान जी के दरबार में हाजिरी लगाते रहे हैं।
संकट मोचन संगीत समारोह में सितार प्रस्तुत करते पद्मश्री उस्ताद शाहिद परवेज खां
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आज ये समारोह वैश्विक हो चुका है। हनुमत दरबार में हाजिरी लगाने वालों और समारोह का चाहने वालों के अनुरोध आते हैं, इसका ऑनलाइन प्रसारण कराया जाए। अब तो इस समारोह से 20-22 लाख लोग ऑनलाइन जुड़ते हैं।
ये फोटो 1976 का है। ध्रुपद मेले के संस्थापक पं अमरनाथ मिश्र के साथ पं रविशंकर
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संकट मोचन संगीत समारोह शताब्दी वर्ष में पहली बार सात दिनों का होगा। 10 से 16 अप्रैल तक सात दिन में 58 कार्यक्रमों में 180 कलाकार प्रस्तुति देंगे। इसमें जयपुर के उस्ताद मोइनुद्दीन खान और उस्ताद अकरम खान का सारंगी और तबला वादन भी लोगों को सुनने को मिलेगा। कोलकाता से बिलाल खान तबला वादन, गजल गायक तलत अजीज, संतूर में कोलकाता से तरुण भट्टाचार्य के साथ ही उस्ताद राशिद खान की गायिकी भी होगी। अंतिम दिन 16 अप्रैल को सोनू निगम अपनी टीम के साथ प्रस्तुति देंगे। इसके पहले 14 को भजन सम्राट अनूप जलोटा भी मौजूद रहेंगे।