देशभर में त्योहारों का सीजन चल रहा है, 24 अक्तूबर को दीपावली का त्योहार बीता और इसके बाद छठ पूजा होनी है। ऐसे में बड़े दूर दराज़ से लोग अपने पैतृक घर पहुंचने के लिए भारतीय रेल और हवाई जहाज का सहारा ले रहे हैं। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी सीट फुल होने के कारण किराया भी सातवें आसमान पर पहुंच गया। क्योंकि त्योहारों के इस सीजन में भारी भीड़ के चलते रेलवे का कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है। वहीं हवाई यात्रा का टिकट 3 गुना महंगा हो गया है।
बता दें कि ट्रेन में लंबी दूरी के लिए टिकटों की मांग काफी बढ़ गई है, वहीं ट्रेन में टिकटों के किराये में यह उछाल हर रूट पर है, देश में धार्मिक पर्व-त्योहार आते ही विमानों का किराया आसमान छूने लगता है। त्योहारों के निकट आते ही लोगों की घर वापसी के लिए भीड़ बढ़ जाती है। जिसके लिए यात्रियों को दो से तीन गुना अधिक मूल्य पर किराया का भुगतान करना पड़ता है। जिससे यात्रियों के जेब पर अतिरिक्त भार की मार पड़ती है।
घरेलू विमान यात्राओं के दाम बढ़ सकते हैं
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विमानों का किराया
दिल्ली से वाराणसी विमान किराया सामान्य दिनों में 3 से 4 हजार रहता है लेकिन त्योहार के सीजन में वही किराया 9 से 10 हजार हो जाता है,मुंबई से वाराणसी विमान का किराया सामान्य दिनों में 5 से 7 हजार तक होता है वहीं त्योहार के सीजन में 18 से 20 हजार हो जाता है,बैंगलोर से वाराणसी 5 से 6 हजार होता है वहीं त्योहार के सीजन में 10 से 15 हजार हो जाता है।
एयरपोर्ट निदेशक अर्यमा सान्याल के अनुसार
एयरपोर्ट निदेशक अर्यमा सान्याल ने बताया कि त्यौहार निकट होने पर यात्रियों के घर वापसी की के कारण दीवाने फुल रहती हैं जिसके कारण यात्रियों को अतिरिक्त किराया महंगा होता है प्रत्येक सीजन यात्रियों को रूबरू होना होता है मैं अपनी तरफ से एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा को लेकर के किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए हम पहले से तैयारी कर लेते है।