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UP: विमान यात्री ने सीट के नीचे रखा था 70 लाख का विदेशी सोना, डीआरआई ने किया अरेस्ट; पूछताछ जारी

Mon, 27 Jul 2026 06:34 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi Crime: बाबतपुर एयरपोर्ट पर डीआरआई ने शारजाह से आए गुजरात निवासी विराल प्रेमजी चौहान को 491.290 ग्राम 24 कैरेट विदेशी सोने के साथ गिरफ्तार किया। करीब 70 लाख रुपये मूल्य का सोना विमान की सीट के नीचे पेस्ट के रूप में छिपाया गया था। डीआरआई बड़े तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी है।
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विमान यात्री ने छिपा रखा था सोना। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi Airport: बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 70 लाख रुपये मूल्य का 24 कैरेट विदेशी मूल का सोना बरामद किया है। तस्करी के आरोप में गुजरात के भुज निवासी विराल प्रेमजी चौहान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सोने को विमान की सीट के नीचे पेस्ट कम्पाउंड के रूप में छिपा रखा था, ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बच सके।

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डीआरआई अधिकारियों के अनुसार उन्हें पहले से सूचना मिली थी कि शारजाह से वाराणसी आने वाली उड़ान से एक भारतीय यात्री बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी करने वाला है। सूचना के आधार पर टीम ने विमान के एयरपोर्ट पहुंचते ही निगरानी शुरू कर दी। यात्रियों की जांच के साथ-साथ विमान की भी गहन तलाशी ली गई।

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तलाशी के दौरान संदिग्ध यात्री की सीट के नीचे छिपाकर रखा गया 491.290 ग्राम 24 कैरेट विदेशी मूल का सोना पेस्ट के रूप में बरामद हुआ। अधिकारियों ने बताया कि बरामद सोने की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपये है। बरामदगी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

डीआरआई ने आरोपी के खिलाफ सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि यह मामला किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है। डीआरआई अब आरोपी के संपर्कों, यात्रा विवरण और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिलेंगे।
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