भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) ने मंगलवार को विभिन्न निजी बीज कंपनियों के साथ लाइसेंसिंग समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इससे देश में सब्जी बीज क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली उन्नत किस्में उपलब्ध होंगी।
आईआईवीआर के निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि फतेह सीड्स बलिया ने भिंडी की किस्म ''काशी उत्कर्ष'' के लिए समझौता किया। इस किस्म की 165-170 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन क्षमता है। यह येलो वेन मोजेक वायरस और ओकरा एनेशन लीफ कर्ल वायरस जैसे रोगों के प्रति प्रतिरोधी है। अनन्या सीड्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली ने करमुआ साग की किस्म काशी मनु का लाइसेंस लिया। इसकी 693 से 1000 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पत्ती जैवभार उत्पादन क्षमता है। इसकी पहली कटाई-बोआई के मात्र 20-25 दिनों के भीतर हो जाती है। वीएनआर सीड्स प्राइवेट लिमिटेड रायपुर ने लोबिया की ''काशी कंचन'' और ''काशी निधि'' किस्मों के लाइसेंस समझौतों का नवीनीकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि सब्जी के उन्नत किस्मों का व्यावसायीकरण से किसानों की आय बढ़ेगी।