फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BHU: काशी के 105 और जापान के 350 साल पुराने विवि के बीच समझौता, बीएचयू में हुआ कार्यक्रम का आयोजन

Sat, 13 Sep 2025 04:35 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने उनसे कहा कि यह कोई प्रतीकात्मक यात्रा नहीं, बल्कि एक सार्थक पहल है। इसमें सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान की संभावना समाई है। मेजबान होने के नाते यह हमारे विद्यार्थियों, अध्यापकों और संकाय की सामूहिक जिम्मेदारी ज्यादा है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में शामिल छात्र- छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

105 वर्ष के बीएचयू ने जापान के क्योटो स्थित 350 साल पुराने ओटानी विश्वविद्यालय के साथ अध्ययन और शोध के लिए समझौता किया है। इससे काशी और क्योटो के बीच अब एक एकेडमिक संबंध भी बन गया। शुक्रवार को बीएचयू से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के साथ कला संकाय के 20 से ज्यादा प्रोफेसर और ओटानी विवि से डॉ. शोभा रानी दास सहित जापान के कुल 40 प्रोफेसरों और शोधार्थियों का दल मौजूद था। सभी जापानी डेलीगेट्स ने गुलाबी साफा बांधे कला संकाय के प्रेमचंद सभागार में बैठकर कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी को सुना।

विज्ञापन


कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने उनसे कहा कि यह कोई प्रतीकात्मक यात्रा नहीं, बल्कि एक सार्थक पहल है। इसमें सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान की संभावना समाई है। मेजबान होने के नाते यह हमारे विद्यार्थियों, अध्यापकों और संकाय की सामूहिक जिम्मेदारी ज्यादा है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह संवाद केवल औपचारिकता न रह जाए, बल्कि ज्ञान, दृष्टिकोण और सहयोग का वास्तविक बीज बन जाए, जिसे हम मिलकर सींचें और एक मजबूत वृक्ष के रूप में विकसित करें। बीएचयू एक वैश्विक विश्वविद्यालय है। इसे बनाए रखने के लिए दुनियाभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ शैक्षणिक आदान प्रदान और सहयोग करना जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों के अकादमिक संवाद और भ्रमण कार्यक्रम काफी मददगार होंगे। ये समझौता कार्यक्रम बीएचयू और ओटानी के पालि एवं बौद्ध अध्ययन विभाग और अंतरराष्ट्रीय केंद्र की ओर से कराया गया। बीएचयू में पालि एवं बौद्ध अध्ययन के विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार यादव ने कहा कि हम श्रीलंका और ताइवान समेत विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के बौद्ध विभागों के साथ अकादमिक आदान-प्रदान करेंगे।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने करवाया था इस विवि का पुनर्निर्माण
डॉ. शोभा रानी दास ने कहा कि ओटानी का इतिहास 350 साल पुराना है। इसकी स्थापना 1650 में हुई थी। भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जापान यात्रा ने विवि का दौरा किया था। दूसरे विश्वयुद्ध में क्षतिग्रस्त विश्वविद्यालय के फिर से निर्माण के लिए भारत सरकार की ओर से उन्होंने एक मिलियन येन (आज का करीब छह लाख रुपये) के साथ ऐतिहासिक और धार्मिक पुस्तकें भेंट कीं थीं। डॉ. दास ने कुलपति को ओटानी यूनिवर्सिटी में आने का न्योता भी दिया।

जापानियों ने किया बौद्ध मंगल पाठ और महायान जप
कार्यक्रम की शुरुआत महामना के साथ ही जापान की परंपरा के अनुसार भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके की गई। जापान के छात्र और छात्राओं ने महायान जप गाकर लोगों को जापान की बौद्ध संस्कृति से परिचित कराया। इसके बाद बीएचयू कुलगीत और बौद्ध मंगल पाठ के साथ हुआ। इस दौरान कला संकाय की संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने कहा कि यह दो ऐतिहासिक विरासत वाले विश्वविद्यालयों का मिलन है। छात्र सलाहकार ने डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह ने विभाग के इतिहास और उपलब्धियों को बताया। डॉ. सिंह ने बताया कि साल 1982 में स्थापित यह विभाग में सबसे अधिक विदेशी विद्यार्थियों वाला विभाग है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें