कमरे के बाहर खड़े रहते हैं मरीज-परिजन
आईएमएस बीएचयू में जिस जगह पर सैंपल जमा होता है। वहां रिपोर्ट लेने के लिए मरीज और उनके परिजन कमरे के बाहर हर दिन खड़े नजर आ जाएंगे। पहले से सैंपल जमा करने वाले मरीज और उनके परिजन मंगलवार को भी वाराणसी, मऊ सहित अन्य जिलों के अलावा बिहार से भी रिपोर्ट लेने आए थे। घंटे भर के इंतजार के बाद कुछ लोगों को तो मिल गया बाकी लोगों को बाद में आने को कहा गया।
केस-1
साढ़े तीन माह पहले दिया सैंपल, रिपोर्ट कब मिलेगा पता नहीं
बिहार के चंपारण निवासी 40 वर्षीय एक महिला को डॉक्टर ने ब्रेस्ट कैंसर जैसे लक्षण दिखने की बात कही। इसके लिए सैंपल दिया गया। उसको आईएमएस बीएचयू स्थित पैथालॉजी में जमा करने को कहा गया। महिला की बेटी के अनुसार मार्च के दूसरे सप्ताह में सैंपल जमा किया। 15 दिन बाद रिपोर्ट मिलनी थी लेकिन साढ़े तीन माह का समय बीत गया। कुछ दिन पहले बीएचयू आने पर फिर से फीस जमा करने को कहा गया।
केस-2
चंदौली निवासी 28 वर्षीय महिला को गांठ थी। इसके लिए सैंपल दिया गया। महिला के पति के अनुसार डॉक्टर के कहने पर आईएमएस के पैथालॉजी स्थित लैब में उसको जमा किया गया। जब रिपोर्ट लेने पहुंचे तो कर्मचारी ने पर्याप्त सैंपल न होने की बात कहकर रिपोर्ट में कुछ और समय लगने की बात कही। दबारा सैंपल दिया तब जाकर रिपोर्ट मिली। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक माह का समय लग गया।
बोले अधिकारी
मरीज की बीमारी के बारे में सही जानकारी जुटाने में समय लगता है। पूरी जानकारी मिलने पर रिपोर्ट दी जाती है। कोशिश की जाती है कि मरीज को समय से रिपोर्ट दी जाए, जिससे कि उसका इलाज प्रभावित न हो। - डॉ. संदीप कुमार, विभागाध्यक्ष, पैथालॉजी विभाग