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इलाज इन वेटिंग: BHU में सर्जरी और जांच के बाद बायोप्सी रिपोर्ट के लिए भी इंतजार, बीमारी बढ़ने की चिंता

Wed, 10 Jul 2024 10:07 AM IST
अमन विश्वकर्मा रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: आइएमएस-बीएचयू के पैथोलॉजी विभाग से जांच की रिपोर्ट देर से मिलने के कारण मरीज और उनके परिजन दोनों परेशान हो रहे हैं। इस कारण बीमारियां भी बढ़ जा रही हैं। रिपोर्ट देर से मिलने के कारण इलाज और दवाइयां भी सही से नहीं मिल पा रही हैं।
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पैथोलॉजी के बाहर रिपोर्ट के लिए खड़े मरीज। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसी को ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण है तो कोई ब्लड कैंसर की बीमारी से परेशान है। प्राथमिक स्तर पर जांच के बाद डॉक्टर सर्जरी का सुझाव देते हैं। इसके लिए शरीर से मांस का टुकड़ा/ यूरिन सैंपल सहित अन्य सैंपल जांच के लिए आईएमएस-बीएचयू के पैथालॉजी विभाग के लैब में मरीज और उनके परिजन लेकर पहुंचते हैं।

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 यहां सैंपल जमा करने पर उनको रिपोर्ट समय से नहीं मिल पा रही है। मंगलवार को अमर उजाला की पड़ताल में चौकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कर्मचारी 15 दिन में रिपोर्ट के लिए तो बुलाते हैं लेकिन मरीजों को महीने भर बाद रिपोर्ट मिल पाती है। रिपोर्ट में देरी की वजह से जहां मरीजों को समय से जानकारी नहीं मिल पा रही है, वहीं सर्जरी भी लटक रही है।

बीएचयू अस्पताल में वाराणसी, आसपास के जिलों के अलावा बिहार आदि जगहों से आने वाले मरीजों को ओपीडी में देखने के बाद डॉक्टर जांच करवाने की सलाह देते हैं। इसके लिए आईएमएस बीएचयू में अलग-अलग लैब हैं। 
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विशेषकर ब्लड कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, महिलाओं में होने वाले अन्य कैंसर आदि की सही जानकारी और आगे के इलाज के लिए डॉक्टर शरीर से मांस का टुकड़ा देते हैं। कुछ मरीजों को यूरिन सैंपल सहित अन्य सैंपल से भी बीमारी की जानकारी मिल जाती है। 

स्थित यह है कि मरीज डॉक्टर से सैंपल लेकर समय से फीस जमा कर उसको आईएमएस में बने लैब में जमा कर दे रहे हैं लेकिन उनको रिपोर्ट के लिए चक्कर लगाना पड़ता है। पड़ताल में कुछ ऐसे मरीज भी आईएमएस लैब के सामने खड़े मिले, जिनका कहना था कि रिपोर्ट तो समय से मिली नहीं, दूसरे रिपोर्ट सही न आने की बात कहकर सैंपल भी दुबारा मांगा जाता है।

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कमरे के बाहर खड़े रहते हैं मरीज-परिजन
आईएमएस बीएचयू में जिस जगह पर सैंपल जमा होता है। वहां रिपोर्ट लेने के लिए मरीज और उनके परिजन कमरे के बाहर हर दिन खड़े नजर आ जाएंगे। पहले से सैंपल जमा करने वाले मरीज और उनके परिजन मंगलवार को भी वाराणसी, मऊ सहित अन्य जिलों के अलावा बिहार से भी रिपोर्ट लेने आए थे। घंटे भर के इंतजार के बाद कुछ लोगों को तो मिल गया बाकी लोगों को बाद में आने को कहा गया।

केस-1
साढ़े तीन माह पहले दिया सैंपल, रिपोर्ट कब मिलेगा पता नहीं
बिहार के चंपारण निवासी 40 वर्षीय एक महिला को डॉक्टर ने ब्रेस्ट कैंसर जैसे लक्षण दिखने की बात कही। इसके लिए सैंपल दिया गया। उसको आईएमएस बीएचयू स्थित पैथालॉजी में जमा करने को कहा गया। महिला की बेटी के अनुसार मार्च के दूसरे सप्ताह में सैंपल जमा किया। 15 दिन बाद रिपोर्ट मिलनी थी लेकिन साढ़े तीन माह का समय बीत गया। कुछ दिन पहले बीएचयू आने पर फिर से फीस जमा करने को कहा गया।

केस-2
चंदौली निवासी 28 वर्षीय महिला को गांठ थी। इसके लिए सैंपल दिया गया। महिला के पति के अनुसार डॉक्टर के कहने पर आईएमएस के पैथालॉजी स्थित लैब में उसको जमा किया गया। जब रिपोर्ट लेने पहुंचे तो कर्मचारी ने पर्याप्त सैंपल न होने की बात कहकर रिपोर्ट में कुछ और समय लगने की बात कही। दबारा सैंपल दिया तब जाकर रिपोर्ट मिली। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक माह का समय लग गया।

बोले अधिकारी
मरीज की बीमारी के बारे में सही जानकारी जुटाने में समय लगता है। पूरी जानकारी मिलने पर रिपोर्ट दी जाती है। कोशिश की जाती है कि मरीज को समय से रिपोर्ट दी जाए, जिससे कि उसका इलाज प्रभावित न हो। - डॉ. संदीप कुमार, विभागाध्यक्ष, पैथालॉजी विभाग
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