वाराणसी। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए अब संसाधनों की कमी का संकट शुरू हो गया है। इसमे रेमेडिसीवीर इंजेक्शन, आक्सीजन की किल्लत के बाद अब कोविड-19 में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए ग्लव्स और दवाइयों की की कमी भी सामने आने लगी है। जल्दी ही यह सभी दवाइयां और संसाधन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिले तो मरीजों के इलाज में भी संकट खड़ा हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने शासन से दवाइयों की मांग की है।
जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। 15 दिन में भी 13 हजार नए मरीज मिल चुके हैं। जबकि एक्टिव मरीजों की संख्या भी 10 हजार के पार पहुंच गई हैं। जैसे-जैसे मरीज बढ़ते जा रहे हैं वैसे वैसे अब कोविड हास्पिटल भी बढ़ाए जा रहे हैं। मरीजो की बढ़ती संख्या और अस्पताल की संख्या बढ़ने के बाद इलाज में कहीं न कहीं और संसाधनों का भी संकट खड़ा हो रहा है। हालत ये है कि जरूरी सामानों में ग्लव्स, मास्क, सैनिटाइजर और सर्जिकल कैप आदि की भी कमी भी शुरू हो गई है।
वर्जन
जिले में अभी सभी कोविड हास्पिटल में पर्याप्त संसाधन हैं। रेमेडिसीवीर, आक्सीजन का संकट तो दूर हो गया है, बाकी सभी जरूरी सामानों की भी कोई कमी नहीं है, लेकिन जिस तरह से मरीजों की संख्या बढ़ रही है उसको लेकर सामानों का स्टॉक अपने पास रिजर्व रखा जा रहा है। - डॉ. एनपी सिंह, प्रभारी सीएमओ
शासन से मांगे ये सामान
आइवरमेक्टिन 2 लाख गोली
एजिथ्रोमाइसिन 2 लाख गोली
सैनिटाइजर 100 एमएल 1 लाख
सैनिटाइजर 500 एमएल 20 हजार
सैनिटाइजर 5 लीटर 2000 पीस
स्ट्रेडलाइज्ड ग्लव्स 1 लाख
नाइटाइड ग्लव्स 1 लाख
फेस शील्ड 50 हजार
पल्स आक्सीमीटर 2500
पीपीई किट 1500
मास्क ट्रिपल लेयर 2 लाख
मास्क एन95 1 लाख
टेबलेट सिट्रीजिन 2 लाख
डाकसी साइक्लीन 1 लाख
रेमेडिसीवीर 2000