वाराणसी के एक गांव में आज सुबह कोहरे का दृश्य।
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वाराणसी में शनिवार-रविवार को हुई बारिश-आंधी के बाद सोमवार को ठंड का एहसास हुआ। वहीं, ग्रामीणों इलाकों में सुबह कोहरा देखा गया। इस कारण स्थानीय लोग घरों में ही दुबके रहे। दूसरी तरफ, इस बारिश से किसानों का ज्यादा नुकसान हुआ है। खेतों में चना, अरहर और मसूर की खेती बर्बाद हो गई। इससे खेतिहर और लघु किसानों के माथे पर बल पड़ गया है।
ढाब क्षेत्र के खेतों में कहीं-कहीं खेतों में पानी लग जाने से टमाटर, कद्दू और लौकी की खेती को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि पानी लगने से फसलें खराब हो जाएंगी। किसान रामजनम बताते हैं कि ऐसी बारिश से अरहर, चले, मसूर की कलियों में बाला (एक प्रकार का कीड़ा) लग जाता है। धूप होने पर खराब कलियां सूखकर गिर जाती हैं। वह बताते हैं कि इस बारिश से आम की फसलों का फायदा होगा।
वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में आलू की खेती कर रहे किसान बताते हैं कि इस बारिश से फसल सड़ जाने की संभावना है। एक-दो बार और बारिश हो गई तो सारी कमाई और सपने बेकार हो जाएंगे। वह बताते हैं कि इस बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसलों को हुआ है। वह बताते हैं कि खेतों में काटकर रखे गए सरसों भी भींग गए हैं।
एक-दो दिन के दौरान खेतों में गेहूं की फसलें भी लोट गई हैं। किसानों की मानें तो इस बारिश से कोहड़ा, टमाटर, नेनुआ और लौकी की फसलें भी प्रभावित होंगी। इनमें फंगस लग जाने से सब्जियां खराब हो जाएंगी।