बाढ़ और बारिश के बाद शहर में जर्जर मकान अब ढहने लगे हैं। गुरुवार की रात गंगा किनारे नगवा क्षेत्र के गायत्री नगर कालोनी में आधा दर्जन से अधिक पक्के महान ढह गए। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। गंगा किनारे ही तारा माता मंदिर सहित कई और मकानों की दीवार में भी दरारें आ गई हंै। इनके ढहने की आशंका से खलबली मची है।
मकान मालिकों ने गंगा किनारे जमीन पर मकान तो बनवा लिए हैं। भवन स्वामियों को चिंता सता रही है कि इसकी जानकारी वीडीए को हुई तो कहीं गंगा किनारे 200 मीटर के दायरे का मामला सामने लाकर उसे ढहा न दिया जाए। ऐसे में भवन मालिक मकान ढहने की जानकारी देने से भी कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि इसकी जानकारी हुई तो वीडीए मकान खाली करा देगा और बचा मकान भी खाली करा देगा।
इसके बाद कहां जाएंगे। इस भय से वे अपने मकान को खाली भी नहीं कर रहे हैं और उसी में रह रहे हैं। कई मकान तो पूरी तरह से नींव सहित भरभराकर गिर गए हैं। आधा दर्जन से अधिक ऐसे मकान हैं जिनमें दरार पड़ गई है। उनके भी ढहने की आशंका है। वहीं गंगा किनारे तारा माता मंदिर की दीवार में भी दरार आ गई है। वीडीए के वीसी पीसी श्रीवास्तव का कहना है कि गंगा किनारे मकान ढहने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। जल्द ही इसकी जानकारी कर उचित कार्रवाई की जाएगी।