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AC Coach का दरवाजा बंद कर सोते रहे अटेंडेंट: यात्री पीटते रहे दरवाजा, ट्रेनों में खूब हुई धक्का-मुक्की

Tue, 01 Nov 2022 02:15 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी (कैंट) स्टेशन पर पहुंची राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में एसी कोच के दरवाजे को बंद कर कोच अटेंडेंट सोते नजर आए। जबकि यात्री बैठने के लिए दरवाजे पीटते रहे। गाड़ी संख्या 20503 नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में इसके अलावा एक कोच के गेट पर बाक्स रखा था जो अंदर जाने में अवरोध उत्पन्न कर रहा था।
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त्योहारी सीजन में ट्रेनों में उमड़ रही भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दीपावली और छठ के बाद मुंबई, लखनऊ, दिल्ली आदि रूट की ओर जाने वाली ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। रात होने के साथ ही ट्रेनों में अव्यवस्था बढ़ जा रही है। कोच अटेंडेंट रात में खर्राटा मारने को के लिए एसी कोच के दरवाजे अंदर से बंद कर दे रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

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ऐसा ही नजारा रविवार की रात वाराणसी (कैंट) स्टेशन पर पहुंची राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में देखने को मिला। जहां एसी कोच के दरवाजे को बंद कर कोच अटेंडेंट सोते नजर आए। जबकि यात्री बैठने के लिए दरवाजे पीटते रहे। गाड़ी संख्या 20503 नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में इसके अलावा एक कोच के गेट पर बाक्स रखा था जो अंदर जाने में अवरोध उत्पन्न कर रहा था। एक अन्य कोच में प्लास्टिक की टोकरी रखकर गेट को बंद कर दिया था। 

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ट्रेनों में भीड़ - फोटो : अमर उजाला
सोमवार की दोपहर बाद कैंट स्टेशन पर दिल्ली, मुंबई, लखनऊ रूट पर जाने वाली ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। मुंबई जाने के लिए प्लेटफार्म नंबर पांच पर आई लोकमान्य तिलक टर्मिनल ट्रेन में एसी कोच में भी चढ़ने के लिए यात्री धक्का-मुक्की करते नजर आए। स्लीपर कोच में भी जाने के लिए भी यात्रियों को जगह नहीं मिल रही थी। प्लेटफार्म-पांच पर ही आई श्रमजीवी सुपर फास्ट एक्सप्रेस, प्लेटफार्म-दो पर आई सम्बलपुर एक्सप्रेस, प्लेटफार्म-छह पर आई इंदौर एक्सप्रेस, प्लेटफार्म-आठ पर पहुंची दून एक्सप्रेस और प्लेटफार्म-एक पर आई लिच्छवी एक्सप्रेस में जरूरत से ज्यादा भीड़ थी। रेलवे के अधिकारियों का मानना है कि यह भीड़ आने वाले दस दिनों तक देखने को मिल सकती है।
कौन होते हैं कोच अटेंडेंट
कोच अटेंडेंट एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का ख्याल रखते हैं। गेट के बगल ही स्टोर रूम में इनके रहने की जगह होती है। ये यात्री को बेड रोल के तौर पर चादर, तकिया, कंबल आदि उपलब्ध कराते हैं। 
राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में ऐसा नहीं हो सकता है और न ही किसी यात्री ने ऐसी शिकायत की है। फिर भी यदि ऐसा है तो जहां से ट्रेन चलती वहां इसकी जानकारी दे दी जाएगी।
- गौरव दीक्षित, निदेशक, कैंट रेलव स्टेशन
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