जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह
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युवा चेतना की ओर से रविवार को केदार घाट स्थित करपात्री धाम में धर्म सम्राट करपात्री महाराज की जयंती समारोह का आयोजन किया गया। जम्मू कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि करपात्री महाराज का भारत में धर्म की स्थापना में बहुत बड़ा योगदान है। इन्होंने गौ रक्षा के लिए पूरे देश में आंदोलन किया।
उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण जम्मू व कश्मीर पूर्ण रूप से देश के मुकुट के रूप में स्थापित हुआ है। काशी और घाटी में अब सीधा संवाद शुरू हो गया है। काशी विश्व की सांस्कृतिक नगरी बन चुकी है। पूरे विश्व काशी की ओर देख रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस केजे ठाकर ने कहा कि स्वामी करपात्री महाराज सनातन धर्म के प्राण हैं। लोगों को उनके दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए। देश के लोगों को कश्मीर जाना चाहिए। वहां केवल झील ही नहीं अपनी मंदिरों के बारे में जाने उन्हें देखें। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस नीरज तिवारी ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं स्वामी करपात्री महाराज के जन्मभूमि प्रतापगढ़ से हूं। स्वामी करपात्री महाराज ने भारत का समाज कैसा हो उसकी परिकल्पना की। हमें समाज के नैतिक कर्तव्यों एवं धर्म का पालन करना चाहिए।
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि स्वामी करपात्री महाराज सनातन धर्म के सूर्र्य थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूर्ण विश्वास है कि वे स्वामी करपात्री महाराज के स्मृति में वेद शस्त्रानुसंधान की स्थापना करेंगे। युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी करपात्री महराज को ब्रह्मलीन हुए 40 वर्ष हो गए, परंतु उनके स्मृति में डाक टिकट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने डाक टिकट जारी किया। इस दौरान स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती, प्रो. आरएन त्रिपाठी, प्रो. बृजभूषण ओझा, मयंक गुप्ता, स्वामी दिव्य स्वरूप, डॉ. रितु गर्ग, डॉ. संजय गर्ग, डॉ. आरएन राय, सत्यम अवस्थी, मुकेश पांडेय, गोविंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।