Varanasi News: बीएचयू अस्पताल के साथ ही ट्रॉमा सेंटर में ओपीडी में सामान्य दिनों की तरह ही ओपीडी के साथ ही वार्ड में सीनियर कंसल्टेंट के साथ रेजिडेंट मरीज को देखते नजर आए। दोनों जगहों पर सुरक्षा कर्मी आने जाने वालों से उनके परिचय पत्र की जांच के साथ ही उनके अस्पताल में आने का कारण भी पूछ रहे थे। सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी होती रही।
आईएमएस बीएचयू में रेजिडेंट की 11 दिन तक चली हड़ताल के खत्म होने के बाद शनिवार से बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर की ओपीडी पूरी क्षमता के साथ चली। इस दौरान कंसल्टेंट के साथ-साथ जूनियर और सीनियर रेजिडेंट ने भी मरीजों को देखा और उनकी जरूरी जांच भी की। हालांकि ओपीडी में मरीजों भीड़ थोड़ी कम देखने को मिली।
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खून की जांच कराने और एक्सरे, अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भी काउंटर पर मरीजों की भीड़ रही। जबकि हड़ताल के दिनों में यहां सन्नाटा पसरा था। मरीज अपने हाथ में पर्चा लेकर काउंटर पर जांच कराने के लिए खड़े रहे। यहा भी रेजिडेंट ने सेवा दी।
कोलकाता के आरजी कर हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के विरोध में आईएमएस बीएचयू के रेजिडेंट हड़ताल पर चले गए थे। वह ना तो ओपीडी में बैठ रहे थे और ना ही वार्ड में मरीजों की सेवा कर रहे थे।
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इस बीच, शुक्रवार को देर शाम उन्होंने अपनी हड़ताल खत्म कर दी और शनिवार से सुबह से ओपीडी में काम पर लौट आए। बीएचयू अस्पताल में सुबह 8 बजे पर्चा काउंटर खुलने से पहले ही मरीजों की लाइन लग गई थी। जैसे ही पर्चा बनना शुरू हुआ मरीज ओपीडी में पहुंचे।