फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधिवक्ता-दरोगा प्रकरण: दो मामलों की मजिस्ट्रियल जांच, वकीलों की गिरफ्तारी पर रोक, आज से करेंगे काम

Mon, 22 Sep 2025 09:05 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में वकीलों द्वारा दरोगा की पिटाई और वकीलों के खिलाफ केस के मामले में मजिस्ट्रियल जांच होगी। जांच के बाद मामले में कार्रवाई होगी। 
विज्ञापन
पुलिस कमिश्नर के कैंप कार्यालय में अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कचहरी परिसर में बड़ागांव थाने के दरोगा मिथिलेश प्रजापति की पिटाई और दस नामजद सहित 50-60 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ केस मामले की मजिस्ट्रियल जांच होगी। जांच पूरी होने तक आरोपी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी नहीं होगी। मजिस्ट्रियल जांच के आधार और निष्कर्ष पर मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह बड़ागांव थाने में अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार मामले की भी मजिस्ट्रियल जांच होगी। 

विज्ञापन


पुलिसकर्मी की भूमिका मिली तो होगी कार्रवाई
इस मामले में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बड़ागांव थाने में विवाद की वजह से ही कचहरी परिसर में बवाल हुआ था। आपसी सहमति के बाद ही अधिवक्ताओं ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। साथ ही सोमवार से न्यायिक कामकाज करने का एलान किया। तय हुआ कि महीने में एक बार पुलिस और अधिवक्ताओं की बैठक होगी। इसमें समस्याओं पर चर्चा की जाएगी और उनका समाधान किया जाएगा।

अधिकारियों ने की बैठक
पुलिसकर्मियों और अधिवक्ताओं के बीच तनाव का मामला रविवार को भी छाया रहा। इसी सिलसिले में मंडलायुक्त एस राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और डीएम सत्येंद्र कुमार की मौजूदगी में रविवार की शाम छावनी स्थित पुलिस आयुक्त कैंप कार्यालय में बैठक भी हुई। इसमें सेंट्रल और बनारस बार की तरफ से गठित 11 सदस्यीय कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। 
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: Ballia News: कारोबारी की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई, नौ लोगों के खिलाफ केस, चार पुलिसकर्मी निलंबित

विज्ञापन

सहमति बनने के बाद अधिवक्ताओं ने स्थगित किया आंदोलन

मुद्दों पर सहमति बनने के बाद अधिवक्ताओं ने आंदोलन स्थगित कर दिया। बैठक में तय हुआ कि रथयात्रा पर अधिवक्ता शिवा सिंह से हुए विवाद मामले में भी एकतरफा कार्रवाई नहीं की जाएगी। आरोपी इंस्पेक्टर की तहरीर पर क्राॅस एफआईआर नहीं होगी।पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि मजिस्टि्रयल जांच के आधार पर इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब तक जांच होगी तब तक मामले में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। 

बड़ागांव थाने में अधिवक्ता से विवाद मामले की भी जांच कराई जा रही है। इसमें यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। रथयात्रा के पास नो इंट्री के विवाद में भी अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज किया जाएगा। बनारस बार के अध्यक्ष सतीश कुमार तिवारी ने कहा कि अधिवक्ता जांच में सहयोग करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें