पुलिस कमिश्नर के कैंप कार्यालय में अधिवक्ता
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कचहरी परिसर में बड़ागांव थाने के दरोगा मिथिलेश प्रजापति की पिटाई और दस नामजद सहित 50-60 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ केस मामले की मजिस्ट्रियल जांच होगी। जांच पूरी होने तक आरोपी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी नहीं होगी। मजिस्ट्रियल जांच के आधार और निष्कर्ष पर मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह बड़ागांव थाने में अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार मामले की भी मजिस्ट्रियल जांच होगी।
पुलिसकर्मी की भूमिका मिली तो होगी कार्रवाई
इस मामले में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बड़ागांव थाने में विवाद की वजह से ही कचहरी परिसर में बवाल हुआ था। आपसी सहमति के बाद ही अधिवक्ताओं ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। साथ ही सोमवार से न्यायिक कामकाज करने का एलान किया। तय हुआ कि महीने में एक बार पुलिस और अधिवक्ताओं की बैठक होगी। इसमें समस्याओं पर चर्चा की जाएगी और उनका समाधान किया जाएगा।
अधिकारियों ने की बैठक
पुलिसकर्मियों और अधिवक्ताओं के बीच तनाव का मामला रविवार को भी छाया रहा। इसी सिलसिले में मंडलायुक्त एस राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और डीएम सत्येंद्र कुमार की मौजूदगी में रविवार की शाम छावनी स्थित पुलिस आयुक्त कैंप कार्यालय में बैठक भी हुई। इसमें सेंट्रल और बनारस बार की तरफ से गठित 11 सदस्यीय कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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