काशी हिंदू विश्वविद्यालय में साल दर साल आवेदन में इजाफा तो हो रहा है लेकिन सीटें सीमित हैं। एक-एक सीट पर दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में बीएचयू में पढ़ाई का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए यहां दाखिला पाना कठिन होता जा रहा है।
साल 2012-13 से बीएचयू में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई। उस वक्त रिकार्ड पौने दो लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। पिछले पांच साल में ये आंकड़ा करीब तीन गुना से ज्यादा हो गया लेकिन पांच साल में किसी भी पाठ्यक्रम में सीटें नहीं बढ़ाई गईं।
हालांकि यूनिवर्सिटी एडमिशन कोआर्डिनेशन बोर्ड में सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव आता रहा है लेकिन संसाधन और फैकल्टी को देखते हुए इस पर अब तक मुहर नहीं लग सकी है। संयुक्त कुलसचिव डॉ. एमआर पाठक का कहना है कि उपलब्ध संसाधन और फैकल्टी जितनी है, उस लिहाज से सीटों की संख्या उपयुक्त है।
इस बीच स्पेशल कोर्सेज के तहत कुछ नए पाठ्यक्रम जरूर शुरू किए गए हैं। इस साल भी तीन नए कोर्स शुरू किए गए हैं। बता दें कि बीएचयू मुख्य परिसर सहित दक्षिणी परिसर और चार संबद्ध कालेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के तहत साढ़े दस हजार से अधिक सीटें हैं।
ये बढ़े पाठ्यक्रम और सीटें
एमए इन एनर्जी इकोनॉमिक्स - न्यूनतम पांच और अधिकतम 50 सीट
एमए इन सोशल एक्सक्लूजन एंड इंक्लूसिव पॉलिसी - न्यूनतम दस और अधिकतम 20 सीट
एमवॉक इन फूड प्रोसेसिंग एंड मैनेजमेंट - न्यूनतम दस और अधिकतम 30 सीट