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कोरोना से अनाथ एक भी बच्चे को नहीं खोज सका प्रशासन

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कोरोना काल में माता-पिता को गंवाने वाले अनाथ बच्चों को लेकर भले ही शासन संवेदनशील बना है। वहीं, जिला प्रशासन की असंवेदनशीलता की वजह से अनाथ बच्चों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति तब है जब खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है। हालत यह है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी जिला प्रशासन अनाथ बच्चों को नहीं खोज सका है।
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कोरोना काल में बहुत से ऐसे बच्चे हैं, जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। ऐसे बच्चों के परिवार में भी उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत अनाथ बच्चों को चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाने की घोषणा की गई है। ऐसे कई अनाथ बच्चे जिले में हैं, लेकिन जिला प्रशासन एक भी बच्चे को खोज नहीं सका है।
अनाथ बच्चों को खोजने और उनकी सूची बनाने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है। अब तक किसी बच्चे की जानकारी नहीं मिली है। अगर किसी को अनाथ बच्चों की जानकारी मिले तो वह जिलाधिकारी कार्यालय को सूचना दे सकता है।
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- कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी
इनको मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ उन बच्चों को मिलेगा, जिनके माता-पिता या दोनों में से किसी एक कमाऊ सदस्य की मौत एक मार्च 2020 के बाद से हुई है। माता-पिता में किसी एक की मौत के बाद दूसरे की वार्षिक आय दो लाख से कम हो तो योजना का लाभ मिलेगा।
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