अपर नगर मजिस्ट्रेट (द्वितीय), क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सहायक पुलिस आयुक्त (दशाश्वमेघ), अधिशासी अभियंता बंधी प्रखंड एवं महाप्रबंधक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई वाली टीम ने जांच शुरू की। मंगलवार को नाव से गंगा में जाकर हरे शैवाल पाए जाने के संबंध में इसके उद्गम, माध्यम तथा गंगा घाटों तक इनके पहुंचने के कारणों की जांच की गई।
इस दौरान सदस्यों ने गंगा नदी में फोटोग्राफी भी कराई। जिलाधिकारी ने 10 जून की शाम तक जांच कमेटी से रिपोर्ट भी मांगी है। बताया जा रहा है कि बुधवार को भी जांच टीम एक बार फिर नाव द्वारा नदी का भ्रमण करेगी।