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Varanasi News: आचार्य अशोक द्विवेदी बोले- तत्काल बंद हो वेद मंत्रों पर संगीत और कर्मकांड में तबला वादन

Mon, 06 Oct 2025 10:01 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

धर्म गोष्ठी के दाैरान सनातन संस्कृति को लेकर विशेष चर्चा हुई। हिन्दू धर्म से जुड़े लोगों ने गंभीरता से विचार-विमर्श किया। बुदि्धजीवियों ने कहा कि काशी पुरातन काल से धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी रही है इसे वही रहने दिया जाए।
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कार्यक्रम में मिला सम्मान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Varanasi News: आज वेद मंत्रों पर संगीत बजाया जा रहा है। कर्मकांड में तबला वादन हो रहा है। रुद्राभिषेक में संगीत हो रहा है। यह सब धर्म का आचरण नहीं है। इसे तत्काल बंद करना होगा। काशी में कुछ लोग धर्म का आवरण धारण करके उसके विपरीत कार्य कर रहे हैं। आज काशी में धर्म के नाम पर अधर्म का कार्य हो रहा है। इसे रोकना होगा।

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उक्त बातें काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने कहीं। वह सोमवार को रवींद्रपुरी स्थित वेद पारायण केंद्रम न्यास की ओर से आयोजित 44वें शरद पूर्णिमा महोत्सव पर श्रीचक्र राज राजेश्वर महालक्ष्मी पूजन के दौरान आयोजित धर्म गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। 

उन्होंने कहा कि पर्यटक नगरी बनाने के नाम पर काशी की पुरातन संस्कृति के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। काशी पुरातन काल से धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी रही है इसे वही रहने दिया जाए। वेद परायण केंद्रम न्यास आयोजित शरद पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ सायं 4:00 बजे श्री चक्र राजराजेश्वरी भगवती की विशेष आराधना से हुआ। 

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कर्मकांड रत्न दिया गया

इस अवसर पर संस्था की ओर से काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष डॉ. हरि नारायण तिवारी को वेद ऋषि सम्मान, मुंबई से पधारी ज्योतिषाचार्य आचार्य कल्याणी देशपांडे को ज्योतिष के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए ज्योतिष रत्न तथा कर्मकांड के क्षेत्र में पंडित नारायण शर्मा कांकर को कर्मकांड रत्न से सम्मानित किया गया।

धर्मगोष्ठी को बीएचयू के प्रो. सदाशिव द्विवेदी, काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष डॉ. हरिनारायण तिवारी ने संबोधित किया। इस अवसर ओमप्रकाश शुक्ला, राजेंद्र द्विवेदी, सतीश चंद्र, मयश मिश्रा उपस्थित। इसके उपरांत वैदिक विद्वानों द्वारा महालक्ष्मी का पूजन प्रारंभ किया गया जो मध्यरात्रि तक अनवरत चलता रहा।
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