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Varanasi: एक आलू के सहारे जेल से भागा था दुष्कर्म का आरोपी, STF की पूछताछ में किया खुलासा

Mon, 06 Mar 2023 06:51 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के चौकाघाट स्थित जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को धता बताकर दुष्कर्म का आरोपी शनिवार को फरार हो गया था। सोमवार अलसुबह आरोपी को यूपी एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने दबोच लिया। पूछताछ में उसने बताया कि किस प्रकार जेल से भागने में सफल रहा।
 
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वाराणसी जिला जेल से फरार हुआ था राजू सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी जिला जेल से बीते शनिवार को फरार दुष्कर्म के आरोपी को एसटीएफ वाराणसी यूनिट ने सोमवार अलसुबह भोजूबीर स्थित यूपी कॉलेज के पास से गिरफ्तार किया। एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी राजू सिंह उर्फ राजू बंगाली ने पूछताछ में बताया कि जेल में आने के अगले दिन से ही भागने की कोशिश में जुटा था।

एसटीएफ के मुताबिक, राजू ने आलू काटकर मुलाकाती मुहर बनाई थी। पहले कागज पर मुहर का स्केच बनाया, फिर आलू की मदद से उसे हाथ पर उतार दिया। मुलाकातियों से ही स्याही का इंतजाम कराया था। पूरी योजना बनाकर जेल से भागा था। हालांकि, उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है।

दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार लालपुर निवासी राजू बंगाली गत चार मार्च को मुलाकातियों के साथ जेल से बाहर निकल गया था। इससे जेल प्रशासन की किरकिरी हुई थी। एसटीएफ के मुताबिक, जेल आने वाले मुलाकातियों का हाथ राजू जरूर देखता था। पूछता था कि कैसे लगती है। किस तरह की स्याही का इस्तेमाल होता है।

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कोलकाता जाने की फिराक में था

मुलाकातियों की मुहर हर दिन बदल जाती है। चार मार्च को जो मुहर मुलाकातियों के हाथ पर लगाई जानी थी, उसकी जानकारी आरोपी को पहले ही हो गई थी। सोमवार को वह मुगलसराय से ट्रेन पकड़कर कोलकाता भागने की फिराक में था। इस बीच पकड़ा गया।

खतरनाक था राजू का इरादा

जेल से भागे राजू का इरादा खतरनाक था। बताया जा रहा है कि जेल से निकलने के बाद राजू दुष्कर्म पीड़िता के घर गया था। मुकदमा वापस लेने की धमकी दी थी। सोमवार को भी पीड़िता के घर के आसपास ही मंडरा रहा था। सूत्रों का कहना है कि जेल जाने से आरोपी बौखलाया है। वह कोई भी घातक कदम उठा सकता था।

जिला जेल के अफसर व कर्मचारी तक रहे बेफिक्र

बंदी राजू के फरार होने में लापरवाही उजागर होने के बाद भी जेल प्रशासन ने तेजी नहीं दिखाई। बंदी दोपहर में ही जेल से भागा था, लेकिन अफसर व कर्मचारी बेफिक्र रहे। शाम की गणना के दौरान भी किसी का ध्यान नहीं गया कि बंदी राजू कहां है। बताया जा रहा है कि जेल कर्मियों की मिलीभगत से ही राजू अपने हाथ में मुलाकातियों वाली मुहर लगवाने में और फिर बाहर निकलने में सफल रहा।
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लिहाजा, जल्द ही जिला जेल के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक की जवाबदेही सुनिश्चित कर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने जेल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश शासन से की है। 
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