हादसे में क्षतिग्रस्त कार
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स्थानीय लोगों ने आननफानन घायलों को कार से बाहर निकाला। इधर, सिरे गांव निवासी बाइक सवार वीरेंद्र कुमार (45), सारंग तालाब निवासी बाइक सवार विशाल जायसवाल (40), स्थानीय युवक जिशान (17) और मकान मालिक प्रदीप सोनकर के बच्चे सुधा (12) और बाबू 10 भी छज्जे के मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर किसी प्रकार मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
हादसे में स्थानीय युवक जिशान को सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों आईं हैं। वह पेशे से बुनकरी का काम करता है। मंडलीय अस्पताल में भर्ती जिशान की हालत गंभीर बनी हुई है।
वन विभाग में तैनात आलोक इलाज के लिए जा रहे थे कैंसर अस्पताल
हादसे में घायल कार सवार सिंधौरा निवासी आलोक कुमार हरदोई वन विभाग में तैनात हैं। परिवार के साथ वह बीएचयू स्थित महामना कैंसर हॉस्पिटल अपने इलाज के लिए जा रहे थे। कार उनका छोटा भाई दीपक चला रहा था। दीपक ने बताया कि रेलवे डॉट पुल के पास पहुंचते ही उनकी कार पर ऊपर कोई वजनी चीज गिरा। कार का रूफ टॉप टूट कर हमलोगों के शरीर पर आ गया। एक सेंकेड के लिए लगा कि अब नहीं बचेंगे। कार सवार सभी लोग घायल हैं। कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है।