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मुंबई बम ब्लास्ट केस: अबू सलेम को मिली उम्र कैद की सजा पर परिवार के लोग ये बोले

Fri, 08 Sep 2017 02:22 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
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सरायमीर स्थित अबू सलेम के घर के सामने जुटे परिवार के लोग - फोटो : अमर उजाला
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मुंबई बम ब्लास्ट के मामले में टाडा कोर्ट ने अबू सलेम को दोषी करार देते हुए उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है।  अबू सलेम यूपी के आजमगढ़ जिले का रहने वाला है। उसका परिवार आज भी इसी गांव में रहता है।
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गुरुवार को आए अदालत के इस फैसले को सलेम के परिवार के लोग प्रत्यर्पण संधि के खिलाफ बता रहे हैं। सलेम के भतीजे ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ ऊंची अदालत में अपील करेगा।

गुरुवार को टाडा कोर्ट की तरफ से अबू सलेम को उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के बाद न केवल परिवार के बल्कि मुहल्ले के लोग भी सकते में हैं। आजमगढ़ जिले के सरायमीर कस्बे में होटल चलाने वाले अबू सलेम के भतीजे और सलेम के बड़े भाई अबू हाकिम के पुत्र मो. आरिफ पुत्र ने 'अमर उजाला' से कहा कि  वर्ष 2005 में पुर्तगाल सरकार ने अबू सलेम को भारत को इस शर्त के साथ सौंपा था कि उन्हें दस साल से अधिक की सजा नहीं दी जाएगी।
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उम्र कैद या फांसी की सजा नहीं होगी। बावजूद इसके उन्हें उम्र कैद की सजा दे दी गई। वह इस फैसले के विरोध में ऊंची अदालत में जाएगा।  बताया कि 2011 में भारत आने पर चचा सलेम से वह तब मिला था जब वे दादी की मौत के बाद घर आए थे।

इसके बाद चचा से उसकी मुलाकात नहीं हुई। परिवार के लोग उनका हालचाल वकील के जरिए ही लेते रहते हैं। आरिफ ने कहा कि चचा भले ही जेल में हैं। उनसे कोई संपर्क नहीं है लेकिन खून का रिश्ता तो है। इसी रिश्ते के लिए वह फैसले के खिलाफ अगली अदालत में अपील करेगा। 

अबु सलेम पर फैसले से फिर सुर्खियों में आजमगढ़

abu salem
मुंबई बम ब्लास्ट के मामले में गुरुवार को टाडा कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सरायमीर कस्बा निवासी अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को उम्रकैद और गंभीरपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव निवासी रियाज सिद्दीकी को 10 वर्ष की कैद की सजा के फैसले से आजमगढ़ जिला एक बार फिर सुर्खियों में है।

फैसले के बाद सरायमीर और शिवराजपुर में सन्नाटा पसरा हुआ है। खुले तौर पर कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है लेकिन फैसले पर दबी जुबान चर्चा जरूर होती रही।  बता दें कि 12 मार्च 1993 को मुंबई में सीरियल बम धमाका हुआ था,  जिसमें 257 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 713 लोग घायल हुए थे।

दाऊद इब्राहिम के इशारे पर कराए गए इस धमाके में सरायमीर कस्बे के पठान टोला मुहल्ला निवासी अबु सलेम और शिवराजपुर गांव निवासी रियाज सिद्दीकी सहित अन्य ने घटना को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद अबू सलेम विदेश भाग गया था, जबकि रियाज कुछ दिन बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्ष 2005 में अबु सलेम को पुर्तगाल से प्रत्यर्पण करके भारत लाया गया था, तभी से वह जेल में निरुद्ध है।

मुंबई बम धमाके की सुनवाई टाडा कोर्ट की विशेष अदालत में चल रही थी। गुरुवार को बम कांड में दोषी मानते हुए कोर्ट ने अबु सलेम को आजीवन कारावास और रियाज को दस साल की कैद का फैसला सुनाया। कोर्ट के फैसले के बाद सरायमीर और शिवराजपुर गांव में सन्नाटा पसर गया।

इक्का-दुक्का लोग मुहल्ले में नजर भी आ रहे थे। वो कुछ बोलने को ते तैयार नहीं थी, लेकिन दबी जुबां से फैसले पर चर्चा कर रहे थे। लोगों का कहना था कि हम तो अबु सालिम को जानते थे, जो हमारे सामने खेला करता था, पता नहीं वो कब अबु सलेम हो गया।   
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आजमगढ़ के थे तीन आरोपी

abu salem - फोटो : अमर उजाला

मुंबई बम ब्लास्ट के मामले में आजमगढ़ जिले के तीन आरोपी हैं। सरायमीर कस्बा निवासी अबू सलेम और गंभीरपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव निवासी रियाज सिद्दीकी के अलावा तीसरा आरोपी सरायमीर थाना क्षेत्र का ही अबडीहा गांव निवासी मंजूर अहमद का भी नाम शामिल है।

अबू सलेम और रियाज सिद्दीकी को गुरुवार को सजा सुना दी गई है। तीसरा आरोपी मंजूर अहमद घटना के बाद गिरफ्तार किया गया था। कई वर्ष जेल में रहने के बाद वह रिहा हो गया था।

मंजूर पर आरोप था कि बम कांड से पहले वह अबू सलेम के साथ गुजरात के भरूच से प्रतिबंधित एके 47 लेकर फिल्म अभिनेता संजय दत्त के घर गया था। बताया जा रहा है कि जिस समय इन सभी ने एके 47 संजय दत्त को दी थी, उसी समय से मुंबई को बम धमाको से दहलाने का तानाबाना बुना जाने लगा था। मंजूर इस समय में जेल से बाहर है और मुंबई में कहीं रह रहा है। 
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