डॉक्टर राम मनोहर लोहिया कहते थे कि जहां महारानी का बेटा पढ़ेगा, वहां मेहतरानी के बेटे का बेटा भी पढ़ेगा। मैंने यह स्कूल पैसा कमाने के लिए नहीं, अपने पिता के सपनों को साकार करने के लिए खोला है। मेरे पिता का सपना था कि इस इलाके के बच्चे पढ़ लिख कर उच्च शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़े। बच्चों को तालीम के साथ-साथ तरबीयत भी दी जानी जरूरी है।
एआईएमआईएम के पूर्व विधायक वारिस पठान के बयान के बारे में उन्होंने कहा कि मैं इसको कंडम(निंदा) करता हूं। सभी मुसलमान भाई उसके बयान को कंडम(निंदा) करें। यह उसकी घटिया सोच है। वह पोलराइजेशन करने के लिए बोली बोलते हैं। कुछ लोग हिंदू मुसलमानों के बीच नफरत फैला रहे हैं।
जब होली, दिवाली, दशहरा आए तो सभी मुस्लिम भाई अपने मोहल्ले पड़ोस एवं गांव के हिंदू भाइयों के घर जाकर एक फूल देकर बधाई दें ताकि लोगों के बीच जो लोग नफरत पैदा कर रहे हैं वह नफरत ना पैदा होने पाए और लोग आपसी मेलजोल के साथ रहें।