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डॉ जाकिर नाइक का स्कूल चला रहे अबू आसिम, वारिस पठान के बयान की निंदा की

Sat, 22 Feb 2020 09:18 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
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सरायमीर के ओहदारीपुर स्थित नियाज नेशनल स्कूल के वार्षिकोत्सव में कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला।
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आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के नियाज नेशनल स्कूल ओहदारीपुर के वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन शनिवार को विद्यालय परिसर में किया गया था। इस समारोह में महराष्ट्र प्रांत के सपा अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आजमी सहित कई सपा नेताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में इन नेताओं ने अपने भाषण के माध्यम से वार्षिकोत्सव समारोह का राजनीतिक रंग दे दिया।

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कार्यक्रम में हालांकि बच्चों द्वारा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुत किए गए। अपनी प्रस्तुति से उन्होंने सभी का मन मोह लिया। लेकिन जब बात जनप्रतिनिधियों की आई तो वह बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने की बजाए अपना गुणगान करने और विभिन्न घटनाओं का जिक्र कर उसे राजनीतिक रूप में तब्दील करने से नहीं चूके।

महाराष्ट्र प्रांत के सपा अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आजमी ने कहा कि हम लोग वर्तमान में तीन स्कूल चला रहे हैं। डॉ. जाकिर नाइक भी एक स्कूल चलाते थे, लेकिन जब वह टेररिस्ट कानून में वांटेड हो गए तो उनका स्कूल बंद हो गया। जिसे अब मैं चला रहा हूं। इस विद्यालय के दो बच्चों ने विश्व स्तरीय परीक्षा में टॉप किया है। मदीना यूनिवर्सिटी ने दोनों बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी ले ली है।

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डॉक्टर राम मनोहर लोहिया कहते थे कि जहां महारानी का बेटा पढ़ेगा, वहां मेहतरानी के बेटे का बेटा भी पढ़ेगा। मैंने यह स्कूल पैसा कमाने के लिए नहीं, अपने पिता के सपनों को साकार करने के लिए खोला है। मेरे पिता का सपना था कि इस इलाके के बच्चे पढ़ लिख कर उच्च शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़े। बच्चों को तालीम के साथ-साथ तरबीयत भी दी जानी जरूरी है।

एआईएमआईएम के पूर्व विधायक वारिस पठान के बयान के बारे में उन्होंने कहा कि मैं इसको कंडम(निंदा) करता हूं। सभी मुसलमान भाई उसके बयान को कंडम(निंदा) करें। यह उसकी घटिया सोच है। वह पोलराइजेशन करने के लिए बोली बोलते हैं। कुछ लोग हिंदू मुसलमानों के बीच नफरत फैला रहे हैं।
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जब होली, दिवाली, दशहरा आए तो सभी मुस्लिम भाई अपने मोहल्ले पड़ोस एवं गांव के हिंदू भाइयों के घर जाकर एक फूल देकर बधाई दें ताकि लोगों के बीच जो लोग नफरत पैदा कर रहे हैं वह नफरत ना पैदा होने पाए और लोग आपसी मेलजोल के साथ रहें।
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