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काशी में भीड़ का पलट प्रहार : मौनी अमावस्या से अब तक 40 लाख लोग पहुंचे, 6 लाख वाहनों से आई 30 लाख पब्लिक

Sat, 01 Feb 2025 03:18 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

महाकुंभ से काशी आने वाले भक्तों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है। रोजाना लाखों लोग काशी पहुंच रहे हैं। गंगा स्नान, काशी विश्वनाथ का पूजन-अर्चन चल रहा है। भक्तों की संख्या के आंकड़े चाैंकाने वाले हैं।
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गोदाैलिया चाैराहे पर इन दिनों भारी भीड़ उमड़ रही है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाकुंभ और अयोध्या का पलट प्रवाह नहीं बल्कि काशी पर मानो प्रहार है। मौनी अमावस्या से लेकर शुक्रवार तक लगभग 40 लाख श्रद्धालुओं ने काशी में कदम रखा। रेल, सड़क और वायु मार्ग से श्रद्धालुओं का कारवां काशी में जारी है। 

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हाईवे के रास्ते हर घंटे लगभग ढाई हजार वाहन शहर में एंट्री कर रहे हैं। इसमें कार, ट्रवेलर, बस, ट्रक शामिल हैं। ट्रक में तिरपाल के सहारे श्रद्धालु काशी के रास्ते बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत सभी प्रांतों में जा रहे हैं। 

विभिन्न राज्यों के नंबर की गाड़ियां हर 10 मिनट पर शहर के आउटर पर दिख रही हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, काल भैरव के दर्शन को दो से तीन किमी की लाइन लग रही है। शहर वासियों की माने तो हर दिन देव दीपावली जैसा नजारा शहर में देखने को मिल रहा है।

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150 ट्रेनों से स्टेशन पर पहुंचे 8 लाख से अधिक लोग

मौनी अमावस्या से अब तक 150 स्पेशल समेत नियमित ट्रेनें प्रयागराज और अयोध्या के रास्ते वाराणसी कैंट, बनारस, सिटी स्टेशन पर पहुंचीं। इस समय कोई भी स्पेशल ट्रेन 22 कोच से कम नहीं है। भीड़ इस कदर है कि एक बोगी की क्षमता 80 यात्रियों की है तो उसमें 250 यात्री ठसाठस भरे हुए हैं। 

एक कोच में यदि 250 यात्री तो एक ट्रेन के 22 कोच में 5500 यात्री सवार हो रहे हैं। 150 ट्रेनों की 3300 कोच में आठ लाख 25 हजार यात्री वाराणसी पहुंचे। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि काशी में प्रयागराज, अयोध्या समेत अन्य प्रांतों से भी लोग पहुंच रहे हैं। यहां से होकर भी वह प्रयागराज, अयोध्या जा रहे हैं।

छह लाख वाहन से आए 30 लाख लोग

काशी में महाकुंभ की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
बनारस टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि तीन दिन में छह लाख वाहनों ने शहर में प्रवेश किया। इसमें कार, बस, ट्रवेलर और ट्रक भी शामिल है। इन वाहनों से लगभग 30 लाख श्रद्धालु शहर में आए।

छह लाख वाहनों में एक लाख कार, 50 हजार एसयूवी, 45 हजार से अधिक प्राइवेट और रोडवेज बसें, 20 हजार से अधिक ट्रवेलर और पांच हजार ट्रकों से भी यात्री आए। अन्य छोटी-बड़ी गाड़ियां भी शामिल हैं। 

उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, हैदराबाद, छत्तीसगढ़, एमपी, राजस्थान, पंजाब, ओडिशा, बिहार, झारखंड, जम्मू कश्मीर, वेस्ट बंगाल, आसाम अन्य प्रांतों के वाहन काशी में आए हुए हैं। ढाई हजार से अधिक वाहन प्रति घंटे काशी में प्रवेश कर रहे हैं।

72 घंंटे में 90 उड़ानें, 32 हजार यात्रियों ने किया हवाई सफर

काशी में महाकुंभ की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि रोजाना 60 से 62 उड़ानों से 10 से 12 हजार यात्रियों की आवाजाही है। तीन दिन में 90 उड़ानों से 32 हजार से अधिक यात्रियों ने सफर किया। एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। 

साढ़े पांच से छह हजार यात्रियों का रोजाना आगमन हो रहा है। महाकुंभ में भीड़ और विमान किराया अधिक होने के चलते दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और बंगलूरू की फ्लाइट से यात्री बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं।

काशी से सटे जिलों में भी होटल, गेस्ट हाउस फुल, पांच फरवरी तक भीड़

टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों के चलते वाराणसी, पीडीडीयूनगर, मिर्जापुर, जौनपुर, भदोही तक जिलों में होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, होम स्टे खाली नहीं हैं। बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालु एडवांस बुकिंग करा रखे हैं। 

यह भीड़ चार से पांच फरवरी तक ऐसे ही बनी रहने वाली है। ढाई हजार से अधिक शहर के छोटे-बड़े होटल, पेइंग गेस्ट हाउस, 2000 से अधिक होम स्टे और लॉज में कमरे उठ चुके हैं। आउटर में लोगों को ठहराया जा रहा है। 50 से अधिक होल्डिंग एरिया भी फुल हैं। 

भीड़ को देखते हुए मंडुवाडीह, अखरी, सुंदरपुर, लंका, अस्सी, सामनेघाट, रामनगर, महमूरगंज, सिगरा, रथयात्रा, भेलूपुर, मैदागिन, लहुराबीर आदि क्षेत्रों में लोगों ने अपने घरों में ही लोगों को ठहराना शुरू किया है। दो से तीन हजार रुपये एक दिन का किराया लिया जा रहा है।
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प्रलट प्रवाह के 15वें दिन 8 लाख ने किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन

महाकुंभ पलट प्रवाह का सिलसिला पिछले 15 दिनों से लगातार जारी है। शुक्रवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में देर रात तक करीब आठ लाख भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। मंदिर बंद होने तक भक्तों की लाइन नहीं खत्म हुई। 6 से 7 घंटे तक लाइनों में लगने के बावजूद भी प्रयागराज से आने वाले श्रद्धालुओं का हौसला नहीं टूटा।

गंगा स्नान से लेकर गर्भगृह के बाहर झांकी दर्शन तक बाबा विश्वनाथ का जमकर जयघोष किया। इस दौरान पैदल चलते-चलते राजस्थान से आईं 60 साल की मधु देवी ललिताघाट पर बेहोश हो गईं। उन्हें फायर सर्विस ने स्ट्रेचर से एंबुलेंस द्वारा कबीर चौरा अस्पताल भिजवाया। 
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