ड्यूटी करने से थका चालक साढ़े 12 बजे ट्रेन को साइड लाइन में ले जाकर खड़ा कर दिया। कुछ देर तक यात्रियों में इस बात की आशंका थी कि स्टेशन होने के वजह से क्रॉसिंग के लिए या पैसेंजर के लिए गाड़ी यहां पर रुकी है। गाड़ी घंटों खड़ी रह गई तो यात्रियों में चर्चा होने लगी।
कुछ यात्रियों ने गाड़ी से उतरकर स्टेशन पर स्टेशन मास्टर से पूछताछ किया तो पता चला कि ट्रेन चालक कि अचानक तबीयत खराब होने की वजह से गाड़ी खड़ी है। यात्रियों में अफरा तफरी का माहौल हो गया। इसके बाद सारे यात्री नीचे उतर हंगामा करने लगे।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीए सदर गुलाब चंद्र , सीओ सदर अमर बहादुर ने कुंभ मेला से लौट रहे आक्रोशित श्रद्धालुओं से वार्ता कर अपने विश्वास में लेते हुए रेलवे विभाग के तमाम अधिकारियों से वार्ता कर दूसरे चालक को बुलाकर गाड़ी को वाराणसी की तरफ रवाना किया। तीन बजकर 25 मिनट लर ट्रेन को रवाना किया गया।
एसडीएम सदर गुलाब चंद्र ने बताया कि जिला प्रशासन को सूचना मिली कि लंबे समय तक ट्रेन परिचालन के चलते तबीयत बिगड़ने पर लोको पायलट ने ट्रेन आगे ले जाने से मना कर दिया। इस पर यात्री हंगामा करने लगे। मौके पर पहुंचकर यात्रियों को समझा कर शांत कराया गया। शांति व्यवस्था बनाने के बाद दूसरे पायलट की मदद से ट्रेन को आगे रवाना किया गया। ट्रेन में 400 से ज्यादा यात्री सवार थे।