उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा-व्यवस्था पर प्रदेश सरकार विशेष ध्यान दे रही है। 90 हजार प्राथमिक विद्यालयों को कायाकल्प योजना से जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश प्रतिभाओं की धरती है, तो हमारे प्रतिभाशाली बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में कैसे पिछड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभ्युदय योजना के प्रथम चरण में 50 हजार बच्चों का सेलेक्शन हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन बच्चों का सिलेक्शन अभी नहीं हुआ है, उनको निराश होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि उनके लिए भी वर्चुअल व्यवस्था होगी। इस कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले बच्चों का साप्ताहिक और मासिक परीक्षा भी होगी। अभ्युदय एक कोचिंग सेंटर मात्र नहीं है, यह जीवन निर्माण की एक नई शुरुआत हैं। ओडीओपी की तर्ज पर अभ्युदय योजना को भी लोकप्रिय बनाएंगे। आगे आने वाले समय में हर प्रतियोगी परीक्षा को इससे जोड़ेंगे।
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा 4 लाख नौजवानों को पूरी पारदर्शिता एवं ईमानदारी की व्यवस्था के तहत नौकरियां दिया जा चुका है। अभ्युदय योजना के तहत फिजिकल व वर्चुअल क्लास मंगलवार को बसंत पंचमी के पावन पर्व से चलेंगी। इस महत्वाकांक्षी अभ्युदय योजना वेबसाइट को इतने कम समय में ही 40 लाख लोगों ने देखा है और 6 लाख से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभ्युदय योजना में चयनित वाराणसी के छात्र कपिल दुबे से संवाद करते हुए प्रतियोगी परीक्षा हेतु उनके उत्साह के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही कहा कि भारतीय मनीषा में धर्म को कर्तव्य से जोड़कर देखा गया है। लोगों के अभ्युदय का जो मार्ग प्रशस्त करें वह धर्म है।
ये है अभ्युदय योजना
उत्तर प्रदेश सरकार ने आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, एनडीएस, सीडीएस, नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी के लिए अभ्युदय योजना आरंभ की है। जिसका मुख्यमंत्री ने आज शुभांरभ किया। इस योजना के तहत ऐसे सभी छात्रों को निशुल्क कोचिंग की सुविधा मिलेगी। जो इन परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह नहीं कर पाते हैं। कोचिंग में पढ़ाई 16 फरवरी से शुरू होगी। अभ्युदय योजना के अंतर्गत छात्रों को ऑनलाइन स्टडी मटैरियल के साथ ऑफलाइन कक्षाएं भी लगाई जाएंगी।