अब रेलवे से 50 हजार तक का माल मंगाने के लिए ‘आधार’ या कोई अन्य आईडी (पहचान पत्र) अनिवार्य कर दी गई है। अब कोई बगैर ‘आधार’ या आईडी के 50 हजार तक का माल रेलवे से नहीं मंगा सकता है। इसके लिए वाणिज्य कर अफसरों ने रेलवे के पार्सल घरों पर निगरानी भी बढ़ा दी है।
विभागीय सूत्रों की माने तो कर चोरी से जुड़े लोगों के लिए रेलवे से माल मंगाना काफी सुरक्षित माना जाता है। तमाम कवायद के बावजूद विभाग इस पर प्रभावी अंकुश नहीं लगा पा रहा है। इसको लेकर कई बार कर चोरी में लिप्त दलालों और विभागीय अफसरों के बीच मारपीट तक हो चुकी है।
इसको ध्यान में रखते हुए वाणिज्य कर कमिश्नर कामिनी रतन चौहान ने रेलवे के पार्सल घरों पर निगहबानी बढ़ाने के लिए अफसरों की तैनाती के निर्देश दिए। कमिश्नर के आदेश का पालन करते हुए वाराणसी जोन के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन पीयूष मिश्रा के निर्देश पर ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी प्रवर्तन ओपी तिवारी ने चार टीम बनाकर कैंट रेलवे के पार्सल घर पर तैनाती कर दी है।
प्रत्येक टीम में दो असिस्टेंट कमिश्नर व दो वाणिज्य कर अधिकारी के अलावा अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई है। तैनात अफसर रेलवे पार्सल घर से आने-जाने वाले माल से संबंधित अभिलेखों को एकत्रित करना भी शुरू कर दिए हैं।
ज्वाइंट कमिश्नर ओपी तिवारी ने बताया कि अन्य रेलवे स्टेशनों से निकलने वाले माल की निगहबानी के लिए सचल दल इकाई के अफसरों को निर्देश दिया गया है। इसके तहत सचल दल के अफसरों ने भी अन्य रेलवे स्टेशनों के इर्द-गिर्द घेरेबंदी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।