जिसमें से अधिकांश खराब है । उच्च प्राथमिक विद्यालय में आज तक हैंड पंप नही लगा, ऐसे में पानी पीने के लिए बच्चों को अगल बगल जाना होता है। बरसात में नाव से तो अन्य दिनों में पगडंडी से होकर ग्रामीणों को जाना आना होता है। जनप्रतिनिधियों के इस गैर जिम्मेदराना रवैए से लोग गांव के विकास के लिए निराश हो चुके हैं ।
घाघरा के उफान के कारण चक्की मुसाडोही द्वीप का रूप ले लेता है । जल स्तर के बढ़ने के कारण एक दर्जन पुरवे पानी के जद मे आ जाते हैं । यहां निवास करने वाले लोगों को दैनिक कार्यो को करने में दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है।
सुदामा यादव, ग्रामीण
वैसे तो समस्या हमेशा बनी रहती है, लेकिन जब घाघरा ऊफनाती है तो रिहाइसी झोपडियों को भी अपने आगोश में ले लेती है, जिस कारण इसमे रखा सामान नष्ट हो जाता है । पशुओं के लिए चारे का संकट मंडराने लगता है ।पानी के बीच से जान जोखिम में डाल कर पशुपालक चारे की व्यवस्था करते है ।प्रशासन द्वारा गांव के लिए लगाई गई नावें ऊट के मुंह में जीरा साबित होती है ।
नंद लाल यादव, ग्राम प्रधान
गांव को शुक्ल तेलिया होते हुए देवरिया जिले के बरहज बाजार से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग फूलबदन चौहान के घर के पास पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है । जिसके कारण आम राहगीर को आए दिन दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है। वहीं ग्राम प्रधान नंद लाल यादव के पूर्वे से पंचायत भवन और पशु अस्पताल पर जाने वाला खड़ंजे भी क्षतिग्रस्त है ।
पन्नेलाल यादव, ग्रामीण
गांव को शुक्ल तेलिया होते हुए बरहज को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग विगत तीन सालों से घाघरा के पानी में बह जाता है। जिससे लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है ।गांव के लोगों द्वारा जनप्रतिनिधियों से लेकर शासन प्रशासन से पुलिया निर्माण के लिए गुहार लगाई गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ ।
सुग्रीव चौहान, ग्रामीण
आज तक कोई ग्रामीण इस समस्या के बाबत कोई शिकायत नहीं किया, वरना समस्या का निदान कर दिया गया होता। अब जब आज पता चला है तो इस समस्या का पता कर उसका निराकरण किया जाएगा।
शिव प्रसाद उपाध्याय उर्फ सुग्गी, प्रतिनिधि मंत्री दारा सिंह चौहान उप्र सरकार।