आईएमएस बीएचयू में आउटसोर्सिंग के 26 पदों पर हाल ही में की गई भर्ती पर सवाल उठने के बाद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वैसे तो कंप्यूटरस्किल्ड, सोशल वर्कर, एमटीएस, टेक्निकल पदों पर अधिकांश भर्तियां हुई हैं। इसमें एक ऐसा पद है, जिसमें कान के मरीजों की थेरेपी करनी है। इसके लिए जिस अभ्यर्थी का चयन किया गया, उसने कंप्यूटर कोर्स का प्रमाण पत्र लगाया है।
आईएमएस में हुई आउटसोर्सिंग भर्ती की प्रक्रिया के लिए संस्थान स्तर पर एक कमेटी गठित की गई। कमेटी के निर्देशन में ही प्रक्रिया पूरी करवाई गई है। जहां एक ओर एक ही परिवार के तीन सदस्यों को अलग-अलग पदों पर भर्ती किया गया है, वहीं एक ही कंप्यूटर सेंटर से कई अभ्यर्थियों ने कंप्यूटर कोर्स का सर्टिफिकेट लगाया है।
पीएम ग्रीवांस पोर्टल पर इसकी शिकायत स्वीकार होने के बाद अब जल्द ही इसकी जांच शुरू हो सकती है। आर्डियोमेट्री एंड स्पीच थेरेपी (स्किल्ड) पद के लिए चयनित अभ्यर्थी ने कंप्यूटर कोर्स से डिप्लोमा करने का प्रमाण पत्र दिया है।
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अब सवाल यह है कि फैशन डिजाइनिंग की डिग्री पर कैसे सुनने की समस्या वाले मरीजों की थेरेपी की जाएगी। जिस तरह से एक के बाद एक गड़बड़ी सामने आती जा रही है, इससे जांच होने पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।