कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ वाराणसी कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। दोनों पर रामलीला के पात्रों और रामायण के वर्णित श्लोक भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौशिल्या हितकारी में उल्लिखित माता कौशिल्या के नाम को राजनीतिक दल से जोड़कर उपहास उड़ाने का आरोप लगाया गया है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट खष्टम अंकुर शर्मा की कोर्ट में खुशहाल नगर शिवपुर निवासी अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने दाखिल परिवाद में कहा कि भगवान राम के जीवन चरित्र पर आधारित रामलीला करोड़ों हिन्दुओं के धार्मिक आस्था का प्रतीक है।
धार्मिक विद्वेष वश आरोपी गण कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी ने जहां 16 जनवरी को दिए गए सार्वजनिक बयान में कहा कि अब रामलीला में भगवान राम मोदी का मुखौटा लगाकर आएंगे इस बयान से हिंदुओं के आराध्य देव भगवान राम का अपमान किया गया।
वहीं दूसरी तरफ पटियाला पंजाब निवासी पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने उसी दिन सार्वजनिक कार्यक्रम में भगवान राम की माता कौशिल्या की तुलना राजनीतिक पार्टी कांग्रेस से करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी कौशिल्या है। इन बयानों से परिवादी के साथ करोड़ो हिंदुओं की धार्मिक भावना आहत हुई।
ऐसे में इन उपहासात्मक और व्यंगात्मक बयानों के लिए दोनों को तलब कर दंडित किये जाने का अनुरोध किया गया। कोर्ट ने इसे परिवाद दर्ज करते हुए परिवादी के बयान के लिए 9 फरवरी की तिथि नियत कर दी।