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छेड़खानी पर बीएचयू में छात्राओं का बवाल, वीसी लाज घेरा

Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
Varanasi
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वाराणसी। छेड़खानी से क्षुब्ध बीएचयू की छात्राओं ने गुरुवार को जमकर बवाल किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग लेकर वीसी आवास घेर लिया और धरने पर बैठ गईं। इससे पहले उन्होंने वीसी आवास के पास लगी बैरिकेडिंग का घेरा तोड़ दिया। छात्राओं के लामबंद होने की सूचना पर बिरला छात्रावास के छात्र भी काफी संख्या में मौके पर डट गए। दोनों ओर से मोर्चेबंदी शुरू हो गई। भीड़ में प्रदेश सरकार के एक काबीना मंत्री के बेटे का करीबी तथा छात्रा से छेड़खानी का आरोपी युवक भी शामिल था, जिसे पूर्व में विश्वविद्यालय ने इसी आरोप में निकाल दिया था। लगभग पांच घंटे बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के वीसी के आश्वासन पर छात्राएं धरने से हटीं।
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विश्वविद्यालय की तीन छात्राआें का आरोप है कि वे क्लास करने जा रही थीं। रास्ते में बिरला ए छात्रावास के पास कुछ छात्राें ने उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दीं और अश्लील इशारे करने लगे। इससे नाराज छात्राआें ने चीफ प्राक्टर से शिकायत की। उन्होंने समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद जब छात्राएं हिंदी भवन पहुंचीं तो उन्होंने चीफ प्राक्टर को ज्ञापन दिया। इसी दौरान बिरला हास्टल के दो छात्र वहां पहुंचे तथा छात्राओं को प्राक्टोरियल बोर्ड टीम के सामने खुली धमकी देने लगे। इस पर छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। यहां से पचास से अधिक छात्राएं जुलूस की शक्ल में वीसी लॉज घेरने निकल पड़ीं। रास्ते भर नारेबाजी करते हुए वेे छात्र परिषद कार्यालय चौराहे से एलडी गेस्ट हाउस चौराहे के लिए मुड़ी ही थीं कि प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम ने उन्हें रोक दिया। इसके बावजूद वे रुकी नहीं और आगे बढ़ गईं। एलडी गेस्ट हाउस चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वे बैरिकेडिंग हटाकर वीसी लॉज तक पहुंच गईं। दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गईं। उन्होंने विवि प्रशासन और कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उधर, छात्राओं को लामबंद होता देख आधे घंटे में बिरला हास्टल के भी लगभग 50 छात्र वहां पहुंच गए। वे धरने पर बैठीं छात्राआें को आइसा से जुड़ी बताकर नारेबाजी करने लगे और बगल में ही धरना पर बैठ गए। खास यह रहा बिरला हास्टल के छात्रों की भीड़ में प्रदेश सरकार के एक काबीना मंत्री के बेटे का करीबी तथा छात्रा से छेड़खानी का आरोपी युवक भी शामिल था। पुलिस और प्राक्टोरियल बोर्ड के सामने आरोपी युवक बैठा था लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मौके पर पहुंचे विवि के छात्र अधिष्ठाता विनय कुमार सिंह, कला संकाय प्रमुख प्रो. एमएन राय, हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. बलराज पांडेय ने छात्राओं को समझाने की कोशिश की लेकिन छात्राएं कुलपति से मिलने की मांग पर अड़ी रहीं। बाद में पांच छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से वार्ता की। वीसी ने छात्राआें को विश्वविद्यालय में महिला सेल का गठन करने, महिला छात्रावासाें पर सुरक्षाकर्मियाें की तैनाती करने तथा छेड़खानी करने वाले छात्राें को दंडित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद वे धरने से हटीं
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... जब महिला हेल्पलाइन ने दिया दगा
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियाें से धरनारत छात्राआें ने पूछा कि यदि हमारे साथ छेड़खानी होगी तो हम किससे मदद लेंगे। लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि महिला हेल्पलाइन पर फोन करना होगा। थानाध्यक्ष से हेल्पलाइन का नंबर लेकर जब छात्राआें ने फोन मिलाया तो जवाब आया कि यह नंबर अस्थायी रूप से काम नहीं कर रहा है। इस पर पुलिस अधिकारी शर्मिदिंा हो गए।
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