वाराणसी। दिल्ली गैंग रेप का मुद्दा शुक्रवार को बाल संसद में भी गूंजा। इस मुद्दे पर बहस के लिए बाल संसद का विशेष सत्र बुलाया गया। दिल्ली कांड की चर्चा होते ही बाल सांसद उत्तेजित हो गए। ...शर्म करो, शर्म करो के नारे लगाकर सत्र को हंगामेदार बना दिया। ...‘माफी नहीं, अब माफी नहीं, फांसी की सजा भी काफी नहीं’ के नारे भी बाल सांसदों ने लगाए। बाल संसद की स्पीकर आफरीन ने सांसदों को शांत कराते हुए कहा कि इस सदन के माध्यम से सभी पुलिस महानिदेशकों को पत्र लिखा जाएगा कि महिला उत्पीड़न के कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
मध्य बनारस की बाल सांसद गरिमा गुप्ता ने सदन में ‘महिला सुरक्षा गारंटी बिल’ पेश किया जिसे बाल सांसदों ने सर्वसम्मति से पास किया गया। स्पीकर ने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर थाने पर रजिस्टर बनाने के प्रस्ताव को भी पास किया। कहा कि दिल्ली गैंग रेप के अपराधियों को एक माह के अंदर फांसी की सजा दी जानी चाहिए। यह फैसला भी किया गया कि बाल संसद के सांसद एवं विशाल भारत संस्थान छेड़खानी करने वालों की सूची लड़कियों की शिकायत के आधार पर तैयार करे। यही नहीं पीडि़त लड़कियों के लिए बाल संसद कानूनी हेल्पलाइन भी शुरू करेगा, जहां लड़कियां अपनी बात कह सकेंगी। यहां सुप्रीम कोर्ट के वकील और बाल संसद के कानूनी सलाहकार अशोक सहगल ने यौन हिंसा कानून की जानकारी दी। संसद की कार्रवाई में डा. राजीव श्रीवास्तव, ताजीम भारतवंशी, कशिश, यासमीन, शबीना, दक्षिता, पूजा, अर्चना, नजमा, मृदुला, नाजनीन, फलक नूर, गरिमा, साबरीन, आशिया, फैजा, रूपा, सानिया, आमरीन और शाहिद आदि ने भाग लिया।