वाराणसी। गंगा को नालों, नहरों और बांध परियोजनाओं से मुक्त कराने के लिए गंगा सेवा अभियानम के आंदोलन की दूसरे चरण की रूपरेखा शीघ्र घोषित होगी। हरिद्वार से दिल्ली तक कांवर यात्रा पूरी होते ही 17 जुलाई के बाद संत एक बार फिर एकजुट होंगे। ज्योतिष, द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद द्वारा 25 नवंबर से दिल्ली में तपस्या आरंभ करने की घोषणा के मद्देनजर व्यापक आंदोलन छेड़ने की योजना है। अगले हफ्ते विद्यामठ में होने वाली कोर कमेटी की बैठक में दूसरे चरण के आंदोलन का स्वरूप तय किया जाएगा।
निर्माणाधीन बांधों का काम न रोकने और बांधों से पैदा होने वाले पर्यावरणीय संकट का आकलन करने को गठित अंतर मंत्रालयीय समूह में सरकारी सदस्यों के नाम तय न हो पाने और महीने भर बाद भी पहली बैठक न हो पाने को लेकर अभियानम चिंतित हो उठा है। गंगा मुक्ति संग्राम के संयोजक प्रमोद कृष्णम की मानें तो 17 जुलाई के बाद अभियानम के सार्वभौम संयोजक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ मशविरा कर वह तिथि तय करेंगे। काशी में कोर कमेटी के फैसले के अनुरूप देशभर में टोलियां माहौल बनाने निकलेंगी। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम खुद दूसरे राज्यों में गंगा मुक्ति के आंदोलन का माहौल बनाएंगे। कोर कमेटी की बैठक में जल पुरुष राजेंद्र सिंह के अलावा कई पर्यावरणविद् हिस्सा लेंगे।