वाराणसी। अन्न-जल त्याग के बाद कबीरचौरा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराए गए स्वामी कृष्णप्रियानंद की हालत अस्पताल प्रशासन ने चिंताजनक बताई है। युवा ब्रह्मचारी ने अतिरिक्त खुराक लेने से इनकार कर दिया है। चिकित्सकों का कहना है कि सिर्फ ड्रिप के सहारे उन्हें नहीं रखा जा सकता। उधर, मांसपेशियों में एेंठन और सिर में दर्द के बाद गंगा प्रेमी भिक्षु को चिकित्सकों ने शुक्रवार को रेफर कर दिया। उन्हें किसी सुविधायुक्त अस्पताल में रखने की सलाह दी गई है।
पांच दिनों से ड्रिप तक नहीं ले रहे गंगा प्रेमी भिक्षु की हालत चिंताजनक होने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. डीबी सिंह ने गंगा अभियानम के सार्वभौम संयोजक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। अस्पताल में ही उन्होंने संत के साथ करीब आधे घंटे तक गहन मंत्रणा की। सीएमएस का आग्रह था कि वह किसी भी तरह भिक्षु को ड्रिप लेने के लिए राजी कर लें। लेकिन, काफी मान मनौव्वल के बाद भी वे तैयार नहीं हुए। गंगा भिक्षु सुबह से शाम तक बेड पर लेट कर पं. भट्ट शास्त्री से भागवत कथा सुनते रहे। अंतत: चिकित्सकों की रिपोर्ट पर सीएमएस ने उन्हें रेफर कर दिया। हालांकि भिक्षु अभी कबीरचौरा अस्पताल में ही है। उधर, कृष्णप्रियानंद की हालत भी बिगड़ने लगी है। चिकित्सकों ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ बैठक कर हालात पर चर्चा की। इस दौरान रिपोर्ट आई है कि युवा संन्यासी को भी अब सिर्फ ड्रिप के सहारे नहीं रखा जा सकता।