वाराणसी। शहर के लंका और सिगरा क्षेत्र में मंगलवार की सुबह बुनकर समेत दो लोगों के शव फांसी के फंदे से लटकते मिले। बताया जा रहा है कि लल्लापुरा में बुनकर ने पत्नी से परेशान होकर मौत को गले लगाया तो रमना में दिमागी उलझन युवक की मौत का कारण बनी। पुलिस दोनों शवोें को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद छानबीन में जुटी है।
लंका क्षेत्र के रमना में ओमप्रकाश (35) गांव के बाहर टीन शेड वाला अस्थायी घर बना कर उसमें अपने परिवार के साथ रहता था। वह खेती कर परिवार का पेट पालता था। दो दिन पूर्व उसकी पत्नी कमला देवी अपने दो बेटे शिवा और शेरा के साथ अपनी बहन के यहां शादी समारोह में गई थी। छोटा बेटा भैरव पिता ओमप्रकाश के साथ घर पर ही था। दोनों सोमवार की रात खाना खाकर सो गए। मंगलवार की सुबह भैरव उठा तो देखा कि पिता बिस्तर पर नहीं थे। ढूंढने समय थोड़ी देर बाद उसने घर के पास ही आम के पेड़ से अपने पिता को लटका हुआ पाया। उसके शोर मचाने पर लोगों की भीड़ लग गई। खेत में दवाई का छिड़काव करने वाली पाइप के सहारे ओमप्रकाश का शव लटका हुआ था। सूचना के बाद परिवार के सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि ओमप्रकाश का मानसिक इलाज चल रहा था। मामले की जांच की जा रही है।
दूसरी घटना सिगरा थाना क्षेत्र के लल्लापुरा की है। बुनकर सगीर अहमद (40) बुनकरी के सहारे परिवार का खर्च चलाता था। परिवार में पत्नी दिलकिश बानो, तीन बेटे और चार बेटियां हैं। आर्थिक तंगी के चलते सगीर का पत्नी से विवाद होता रहता था। दो दिन पूर्व दिलकिश ने सिगरा थाने में सगीर पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए उसकी शिकायत की थी। इस मामले में पुलिस ने सगीर को करीब चार घंटे तक हिरासत में भी रखा था। घर वालों के व्यवहार से वह काफी आहत था। इसी उलझन में उसने अपने एक बेटे को घर से भगा दिया था। सुबह दिलकिश बानो सगीर के कमरे में गई तो देखा कि वह पंखे के हुक से साड़ी के सहारे लटक रहा था। यह देख परिवार में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा। थानाध्यक्ष ने बताया कि पत्नी से विवाद के चलते सगीर ने आत्महत्या की।