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महिला मित्र के साथ पत्नी को पीटने पर सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार

Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
Varanasi
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वाराणसी। लंका पुलिस ने महिला मित्र के साथ मिलकर पत्नी की पिटाई करने के आरोप में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. कृष्ण मोहन सिंह को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। साकेतनगर, नरिया स्थित सहायक प्रोफेसर के घर पहुंचीं उनकी पत्नी ने बिना तलाक दिए घर में पत्नी के रूप में महिला मित्र को रखने का विरोध किया था। इसी को लेकर बात बढ़कर मारपीट तक पहुंच गई।
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सहायक प्रोफेसर की पत्नी किरण सिंह को मंगलवार को सूचना मिली कि उनके पति किसी महिला के साथ रहने लगे हैं। इसपर वह साकेत नगर नरिया स्थित उनके आवास पर पहुंच गईं। उन्होंने बिना तलाक दिए दूसरी महिला को बतौर पत्नी रखने का विरोध किया। इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। इस दौरान किरण सिंह घायल हो गईं। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। कुछ देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर थाने चली गई। वहां किरण सिंह की तहरीर पर पुलिस ने डा. कृष्णमोहन सिंह एवं उनकी महिला मित्र शिल्पी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया। एसओ विनोद कुमार यादव ने बताया कि सहायक प्रोफेसर को पत्नी को मारने-पीटने एवं धमकी देने के मामले में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर, सहायक प्रोफेसर डा. कृष्णमोहन ने महिला मित्र के साथ अवैध संबंधों से इंकार किया है। उनका कहना है कि गेस्ट के तौर पर उन्होंने अपने घर में महिला मित्र को रखा था।
इनसेट
2011 में शुरू हुआ विवाद
वाराणसी। मेरठ के मूल निवासी महिपाल सिंह की पुत्री किरण सिंह एवं कृष्णमोहन सिंह कानपुर में एक छात्र संगठन के लिए साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों में प्रेम हो गया और उनके परिवार वालों ने 1994 में दोनों की शादी कर दी। दोनों को एक पुत्र भी है। इसके बाद कृष्ण मोहन सिंह प्रतापगढ़ में एक कालेज में पढ़ाने लगे। वर्ष 2007 में उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में बतौर सहायक प्रोफेसर ज्वाइन कर लिया। वर्ष 2011 में कृष्ण मोहन के जीवन में एक महिला ने दस्तक दी तो पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। किरण सिंह का आरोप है कि 20 दिसंबर 2012 को उनके पति ने अवैध संबंधों का विरोध करने पर मेरी बेरहमी से पिटाई कर दी थी। उस दौरान भी पुलिस में केस दर्ज कराया गया था। दोनों पक्षों में समझौते के तहत तय हुआ कि तलाक होने तक दोनों अलग-अलग रहेंगे। खर्च के तौर पर डा. कृष्णमोहन दस हजार रुपये किरण को देते थे। किरण सिंह का कहना है कि 11 जुलाई 2014 को सीजेएम प्रथम की कोर्ट ने 26 हजार रुपये माहवार गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है।
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