वाराणसी। विकास प्राधिकरण प्रशासन आवासीय नक्शा पास कराकर नर्सिगिं होम संचालित करने वालों की अलग-अलग फाइल बना रहा है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने अभियंताओं से ऐसे सभी नर्सिगिं होम का ब्योरा तलब किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि बुधवार को सिकरौल वार्ड के नौ नर्सिगिं होम संचालकों को बुलाकर कंपाउंडिंग के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही निर्धारित अवधि में नक्शा दाखिल कर शमन शुल्क जमा करने के लिए कहा जाएगा। बाद में अन्य नर्सिगिं होम संचालकों के साथ भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
डीएम ने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी के यहां से प्राप्त सूची में प्राधिकरण सीमा में आने वाले जितने भी नर्सिगिं होम हैं, सबकी अलग-अलग फाइल बनवाई जा रही है। आवासीय नक्शे पर नर्सिगिं होम चलता पाया गया तो कार्रवाई होगी। संबंधित संचालकों को नर्सिगिं होम का नक्शा प्रस्तावित कर शमन शुल्क सहित पूरी धनराशि जमा कराने के लिए कहा जाएगा। फिलहाल सिकरौल वार्ड के 28 नर्सिगिं होम संचालकों को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर नक्शा दाखिल करने के लिए कहा गया है। संचालकों से नियमानुसार नक्शा स्वीकृत करने सहित अन्य शुल्क लिए जाएंगे। जिन लोगों ने नक्शा पास कराए बगैर नर्सिगिं होम बना लिया है, उनकी भी अलग सूची बनाई जा रही है। निर्धारित समय में नक्शा प्रस्तावित नहीं करने पर भवन स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण के अभियंताओं को भी आगाह किया गया है कि नर्सिगिं होम के बारे में मांगी गई रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने पर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
---सुझाव :
हेडिंग : आवासीय भवन में चल रहे नर्सिगिं होम पर शिकंजा
क्रासर--
- शमन शुल्क अदा कर कराना होगा नियमित
- डीएम ने ऐसे भवनों का तलब किया ब्योरा
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