वाराणसी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मॉडल सिटी के रूप में बनारस को विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए शहर को पॉलीथिन मुक्त और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में बेहतर बनाया जाएगा।
धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण वाराणसी में कचरे के ढेर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की अच्छी व्यवस्था नहीं होना और नदियों के प्रदूषण पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में सबसे प्रदूषित शहरों में बनारस को तीसरा स्थान दिए जाने से शासन व प्रशासन की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। नगर निगम भी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों का पालन कराने पर जोर दे रहा है। एनजीटी ने हाल में ही शहर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा है। नगर निगम के प्रशासनिक अधिकारियों की माने तो अब शहर में कूड़ा दिखेगा तो जवाबदेही सबकी होगी। कचरा फैलाने वालों पर ही नहीं, इसके निस्तारण में ढिलाई करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। इसके लिए पूरे सिस्टम को ऑनलाइन किया जा रहा है। नगर आयुक्त आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि इसकी तैयारी की जा रही है।