वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अखिल भारतीय रामराज्य परिषद ने चुनावी ताल ठोक दी है। परिषद ने अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक वेदांताचार्य श्रीभगवान को वाराणसी से प्रत्याशी घोषित किया है। डमी कैंडिडेट के रूप में महाराज मणिशरण, महामंडलेश्वर स्वामी पद्मनाभशरण महाराज, नीलम दुबे और सावित्री पांडेय शामिल हैं।
सोमवार को केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ आश्रम में प्रत्याशियों की घोषणा करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि संत समाज से मंत्रणा के बाद प्रत्याशियों की घोषणा की गई है। नामांकन 25 अप्रैल को होगा। सभी प्रत्याशी अभिजीत मुहूर्त में नामांकन करेंगे। इसमें पूरे भारत के साधु-संत इकट्ठा होंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव की कोई रणनीति नहीं है। यह प्रतीकात्मक लड़ाई है। पीएम मोदी ने हिंदुत्व के मुद्दे को दरकिनार कर विकास को आगे रखा और श्रीराम मंदिर का विकास भी नहीं किया। यही नहीं, विकास के नाम पर श्री काशी विश्वनाथ धाम के आसपास कई प्राचीन मंदिर तोड़े गए। हम लोगों ने आवाज उठाई तो सुनवाई नहीं हुई।
स्वामी करपात्री महाराज ने की थी पार्टी की स्थापना
अखिल भारतीय राम राज्य परिषद एक परंपरावादी हिंदू पार्टी है। इसकी स्थापना स्वामी करपात्री ने 1948 में की थी। इस दल ने 1952 के प्रथम लोकसभा चुनाव में तीन सीटें प्राप्त की थी। 1952, 1957 और 1962 के विधानसभा चुनावों में हिंदी भाषी क्षेत्रों मुख्यत: राजस्थान में इस दल ने कई सीटें हासिल की थीं।