वाराणसी। लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों की अनुमति के बिना प्रचार सामग्री लगाना अपराध माना जाएगा। प्रचार वाहन और उस पर लगने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्र के लिए अनुमति लेनी होगी। धार्मिक स्थल का प्रयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने विकास भवन सभागार में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा- प्रत्याशियों के चुनावी व्यय पर आयोग की नजर रहेगी। उन्होंने पदाधिकारियों से चुनाव खर्च का विवरण रखने को कहा। बताया कि पेड न्यूज पर चुनाव आयोग गंभीर है। विज्ञापन को समाचार के रूप में प्रकाशित व प्रसारित करने उसे प्रत्याशी के चुनाव खर्चे में जोड़ा जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी भवनों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए न किया जाए। निजी भवनों के मामले में भवन स्वामी की अनुमति आवश्यक होगी। सार्वजनिक स्थानों पर पेंट से प्रचार आचार संहिता का उल्लंघन होगा। उन्होंने कहा कि प्रचार वाहन पर 6 गुणा 12 फीट का एक झंडा तथा दो स्टिकर ही लगाए जा सकते हैं, जबकि बैनर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। प्रचार के दौरान टोपी, स्कार्प एवं मास्क सपोर्टर दिया जा सकता है, लेकिन टी-शर्ट निशुल्क वितरित नहीं की जा सकती है। प्रत्याशी प्रचार में 70 लाख रुपये तक ही खर्च कर सकता है। इस दौरान एडीएम प्रशासन राजेश श्रीवास्तव, एडीएम सिटी विनय कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
नामांकन में तीन वाहन और चार समर्थक
नामांकन के दौरान तीन वाहन और नामांकन स्थल पर प्रत्याशी के अलावा चार लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। चुनाव प्रचार के दौरान जानवरों और प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं कर सकते। व्यक्तिगत जीवन पर आरोप-प्रत्यारोप न किए जाएं। मतदान केंद्र से 200 मीटर परिधि के बाहर तक मतदाता अपने परिवार के सदस्यों के साथ वाहन का प्रयोग कर मतदान के लिए जा सकेगा। किसी के घर के आगे धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। सेना के किसी जवान अथवा व्यक्ति की फोटो प्रचार में प्रयुक्त नहीं की जा सकती है।
अनुमति के लिए सुविधा सॉफ्टवेयर
किसी भी प्रकार की अनुमति के लिए सुविधा सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। एकल खिड़की की व्यवस्था के तहत अपर जिलाधिकारी नगर के कार्यालय में आवेदन करने पर 24 घंटे के अंदर निस्तारण होगा। राजनीतिक दल एक दिन में दस हजार रुपये से अधिक नगद भुगतान नहीं कर सकेंगे।