वाराणसी। बनारस क्लब के कब्जे वाली 1.33 एकड़ नजूल जमीन के मामले की सुनवाई कर रही विधान परिषद की समिति ने सख्त रुख अख्तियार किया है। सोमवार को लखनऊ में विधान परिषद की समिति ने वीडीए और जिला प्रशासन के अधिकारियों से दो टूक कहा कि हमें गुमराह न करें। टालमटोल वाला रवैया छोड़ें और गंभीरता दिखाएं। अन्यथा की स्थिति में समिति दंडात्मक कार्रवाई के लिए बाध्य होगी। साथ ही, कहा कि प्रकरण की सुनवाई अब चार फरवरी को होगी।
विधान परिषद की समिति ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से पूछा कि बनारस क्लब के कब्जे में नजूल की जमीन है या इंट्रा म्यूनिसिपल नजूल जमीन है। इस पर अधिकारी जवाब नहीं दे पाए और समय मांगा। बनारस क्लब में हुए अवैध निर्माण पर क्या कार्रवाई हुई, वीडीए उपाध्यक्ष इसका गोलमोल जवाब देते नजर आए। इस पर समिति के सदस्यों ने नाराजगी जताई। कहा कि चार फरवरी को होने वाली बैठक में जिलाधिकारी वाराणसी और वीडीए उपाध्यक्ष पूरी तैयारी के साथ क्लब की जमीन और यहां हुए अवैध निर्माण से संबंधित कागजात लेकर पेश हों।
बैठक में समिति के सभापति एमएलसी नरेश उत्तम, शतरुद्र प्रकाश, केदारनाथ सिंह, वासुदेव यादव व रमेश यादव के अलावा आवास विकास विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।